किताबें व ड्रेस खरीदने को किया बाध्य तो जा सकती है मान्यता
डीआईओएस ने सभी बोर्डों के प्रधानाचार्यों को जारी किए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। अब स्कूल संचालकों को किसी एक निश्चित दुकान से स्कूल लोगो लगी किताबें व ड्रेस खरीदने को मजबूर करना महंगा पड़ सकता है। स्कूलों की मान्यता खतरेे में पड़ सकती है। इस संबंध में डीआईओएस राजेश कुमार वर्मा ने यूपी बोर्ड व सीबीएसई बोर्ड के प्रधानाचार्यों को आदेश जारी कड़ाई से अनुपालन करने के निर्देश दिए हैं।
नया शैक्षिक सत्र आते ही स्कूल कॉलेजों की मनमानी शुरू हो चुकी है। सुविधा देने के नाम पर फीस बढ़ोतरी आदि के विरोध में अभिभावकों ने आवाज बुलंद करनी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री के आईजीआरएस पोर्टल पर भी इसकी शिकायतें शुरू हो चुकी है। मामला संज्ञान में आने पर डीएम डॉ. अखिलेश कुमार मिश्रा ने संचालित पाठ्यक्रम व ड्रेस आदि को लेकर अभिभावकों को बाध्य करने वाले स्कूल कॉलेजों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। इधर बुधवार को डीआईओएस ने यूपी बोर्ड, सीबीएसई बोर्ड समेत अन्य बोर्डों को प्रधानाचार्यों/प्रबंधकों को आदेश जारी किए गए हैं। जारी आदेश में उन्होंने कहा कि कुछ विद्यालयों में संचालित पाठ्यक्रम व ड्रेस के लिए अभिभावकों को किसी एक दुकानदार के पास भेजा जा रहा है और उन्हें विद्यालय के नाम से प्रकाशित पुस्तकें, ड्रेस व विद्यालय के नाम से प्रिंटेड कापियां आदि खरीदने को बाध्य किया जा रहा है। इसको लेकर अभिभावकों पर दबाव भी बनाया जा रहा है। इसको लेकर अभिभावकों पर दबाव भी बनाया जा रहा है। जोकि नियम विरुद्ध है। उन्होंने प्रधानाचार्यों से संबंधित बोर्डों द्वारा निर्धारित प्रकाशकों की पुस्तकों के अतिरिक्त किसी अन्य प्रकाशकों की पुस्तकों को खरीदने के लिए अभिभावकों को बाध्य न करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि यदि किसी विद्यालय के प्रधानाचार्य/प्रबंधक द्वारा अभिभावकों को उपरोक्त के लिए बाध्य किया गया और आदेश का पालन नहीं किया गया तो संबंधित के खिलाफ संबंधित बोर्ड को सीधे मान्यता प्रत्याहरण की संस्तुति कर दी जाएगी।
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स्कूलों की मनमानी की दें सूचना
डीआईओएस राजेश कुमार वर्मा ने बताया कि यदि किसी स्कूल कॉलेज द्वारा अभिभावकों पर किसी एक दुकानदार से पाठ्यपुस्तकें व ड्रेस आदि खरीदने को बाध्य किया जा रहा है, या फिर कोई अन्य अनुचित दबाव बनाया जा रहा है। तो ऐसे मामलों में अभिभावक उनके मोबाइल नंबर 9454457301 पर शिकायत कर सकते हैं।