सीट बेल्ट और बिना हेलमेट के वाहन चलाना जानलेवा हो सकता है। इसके बाद भी लोग इनका उपयोग नहीं करते। वहीं पुलिस भी नियमों का उल्लंघन करने वालों का चालान करती है, जिस पर जुर्माना भरना पड़ता है। इस सबके बाद भी लोग नियमों का पालन किए बिना ही वाहन चला रहे हैं। ऐसे में डीएम ने लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए अनूठी पहल शुरू की है। डीएम के निर्देश पर एआरटीओ की टीम नियमों का पालन करने वालों को चिन्हित करेगी जिन्हें पुरस्कृत किया जाएगा।
मार्गों पर वाहनों के बढ़ने के साथ ही दुर्घटनाएं भी बढ़ रही हैं। इसमें घायल होने के साथ लोग अपंग भी हो रहे हैं। वहीं बड़ी संख्या में लोगों की जान भी जा रही है। आंकड़ों की बात करें तो पीलीभीत जिले में वर्ष 2017 में बाइक की 409 दुर्घटनाएं हुई हैं। इसमें 168 लोगों की मौत से इनके परिवार उजड़ गए। वहीं 314 लोग घायल हुए। यह आंकड़े पुलिस में दर्ज रिपोर्ट के आधार पर हैं जबकि कई ऐसे मामले भी हैं जो पुलिस तक नहीं पहुंचते। हालांकि पुलिस प्रतिदिन वाहन चेकिंग के नाम पर चालान और जुर्माने का लक्ष्य पूरा करती है इसके बाद भी नियमों का उल्लंघन जारी है। इसके लिए कई बार अभियान भी चलाए गए लेकिन नतीजा सिफर रहा। अब नवागत डीएम डॉ. अखिलेश कुमार मिश्रा ने वाहन चालकों को यातायात के नियमों के प्रति जागरूक करने को नई पहल की है। एआरटीओ के मध्यम से सीट बेल्ट और हेलमेट लगाने को चिन्हित कराया जा रहा है। इसे दो वर्गों में क्रमश: सरकारी अधिकारी कर्मचारी और सामान्य जनता में बांटा गया है। अलग अलग स्थानों पर तैनात एआरटीओ की टीम सीट बेल्ट और हेलमेट लगाने वालों की फोटोग्राफी करेगी। इस दौरान नियमों का लगातार अनुपालन करने वालों को चिन्हित कर सार्वजनिक रूप से पुरस्कृत किया जाएगा।
सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि पर अंकुश लगाने एवं वाहन चालकों को नियमों के प्रति जागरूक करने लिए ऐसे लोगों को पुरस्कृत किया जाएगा जो लगातार नियमों का पालन कर रहे हैं।- डॉ. अखिलेश कुमार मिश्र, डीएम