गोमती नदी को पुनर्जीवन देकर उसकी अविरल धारा बहाने के प्रयासों के साथ ही अब उद्गम स्थल तक पहुंचने के लिए रोडवेज की गोमती सेवा शुरू की जाएगी। इसके लिए डीएम ने एआरएम को गोमती एवं इससे संबंधित स्थानों का सर्वे कर रिपोर्ट तलब की है।
यूपी ही देश की पवित्र नदियों में शुमार गोमती नदी में अविरल धारा बहाने के प्रयास कुछ दिन से चल रहे हैं। दो अप्रैल से नदी की खुदाई के लिए काम भी शुरू होगा। प्रशासन के इस प्रयास से जिला वासियों में तो गोमती के प्रति श्रद्धा एवं जागरूकता तो बढ़ रही है लेकिन गोमती तक पहुंचने के लिए कोई साधन न होने से लोग इसके उद्गम स्थल तक नहीं पहुंच पा रहे। जिले का चार्ज संभालने के तुरंत बाद माधोटांडा पहुंचे डीएम अखिलेश कुमार मिश्र ने गोमती को पुनर्जीवित करने के साथ ही इसे पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने के संकेत दिए थे। इसके लिए सबसे पहले रोडवेज की सेवा को गोमती उद्गम स्थल तक पहुंचाने की कवायद शुरू की गई है। डीएम ने एआरएम को गोमती उद्गम स्थल एवं इसके आसपास स्थल को चिन्हित कर सर्वे करने के निर्देश दिए हैं। सर्वे रिपोर्ट आने के बाद जिला मुख्यालय अथवा दिल्ली, लखनऊ रूट की बसों को गोमती उद्गम स्थल भेजने की योजना है ताकि बाहर से आने वाले लोग भी गोमती उद्गम स्थल को देख सकें।
मुस्तफाबाद भी हो सकता है रूट में शामिल
गोमती तक रोडवेज बस चलाने से पहले टाइगर रिजर्व के शुभारंभ के समय तत्कालीन वन संरक्षक वीके सिंह ने टाइगर रिजर्व के चूका स्पॉट पहुंचने के प्रमुख स्थान मुस्तफाबाद से बस चलवाने की कवायद की थी। कुछ दिन बस का संचालन भी हुआ था लेकिन कामयाबी नहीं मिली। अब गोमती उद्गम जाने वाली बस को भी मुस्तफाबाद तक ले जाने का पुन: प्रयास किया जा सकता है। इससे दूरदराज से आने वाले गोमती उद्गम के साथ टाइगर रिजर्व भी जा सकेंगे।
उद्गम पर शुरू होगी नियमित आरती
गोमती तक बस सेवा शुरू कराने के साथ ही नदी तट पर नियमित आरती कराने का भी प्रयास शुरू किया जा रहा है। प्रारंभ में यदि प्रतिदिन आरती नहीं कराई जा सकी तो निर्धारित दिनों पर सामूहिक आरती कराई जाएगी। इसके बाद जन सहभागिता बढ़ने पर दैनिक आरती भी कराई जा सकती है।
गोमती नदी पीलीभीत की जिले की पहचान ही नहीं शान भी है। इसके विकसित होने से आने वालों की संख्या बढ़ेगी। इसके लिए रोडवेज बस चलवाने एवं नियमित आरती प्रारंभ करने का भी प्रयास किया जा रहा है। - डॉ. अखिलेश मिश्र, डीएम