बीसलपुर। बिना सूचना दिए धरना देने पहुंचे निषाद पार्टी के कार्यकर्ताओं को एसडीएम ने जमकर कसा। बाद में उनका ज्ञापन लेकर दोबारा बिना सूचना दिए ऐसा करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
निषाद पार्टी के कार्यकर्ता बुधवार को 11 सूत्रीय मांगों को लेकर तहसील परिसर पहुंचे और धरने पर बैठ गए। इस दौरान नारेबाजी शुरू कर दी गई। नारेबाजी सुनकर एसडीएम जेपी चौहान मौके पर पहुंचे। बिना पूर्व सूचना के धरना शुरू किए जाने पर नाराजगी जताई। यहां तक कि तहसीलदार विवेक मिश्रा को बुलाकर बिना सूचना के धरना देने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दे दिए। मुकदमें की सुनकर धरना दे रहे कार्यकर्ताओं के होश उड़ गए और धरना खत्म कर दिया। सिर्फ ज्ञापन देकर लौट गए। ज्ञापन में केवट, मल्लाह, कहार, निषाद, रैकवार, कुम्हार, धीवर, धीमर, भर और राजभर आदि पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र दिए जाने, मछुआ आयोग गठित कराने, निषाद समाज को पुस्तैनी काम दिलाने के मकसद से उनके नाम पोखरों, तालाबों के पट्टे कराए जाने, बालू घाटों का ठेका दिलाए जाने और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद को सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की गई है। इस मौके पर जिलाध्यक्ष राजपाल कश्यप, मूलचंद्र, सर्वेश, ओमकार, रामसिंह, जगन्नाथ, रामपाल, अमित, रामचंद्र, ख्यालीराम, सूरजपाल, राजेश, जैतराम आदि थे।