90 बच्चे पढ़ाने को तैनात मिलीं नौ शिक्षिकाएं
क्रासर..
डीएम ने देखे कई बेसिक स्कूल, शहर के पास स्कूलों में स्टाफ की भरमार
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। दूरदराज के बेसिक स्कूलों में जहां शिक्षकों का अभाव है वहीं शहर से सटे स्कूलों में थोक के भाव शिक्षक तैनात हैं। यह खुलासा डीएम द्वारा सैदपुर स्कूल के निरीक्षण में में हुआ। यहां 90 बच्चों पर नौ शिक्षिकाएं तैनात मिलीं। वहीं डीएम के निर्देश पर जिले में 20 स्कूलों का औचक निरीक्षण किया गया।
मंगलवार को सुबह 11 बजे डीएम डॉ. अखिलेश कुमार मिश्रा जिला अस्पताल के बाद सीधे टनकपुर रोड स्थित सैदपुर गांव के प्राइमरी विद्यालय पहुंचे। यहां 90 बच्चे पंजीकृत थे जिनके सापेक्ष नौ शिक्षिकाएं तैनात थीं। बच्चों की संख्या के सापेक्ष डीएम भी हैरत में पड़ गए। उन्होंने बच्चों का ज्ञान परखने के लिए सवाल किए तो बच्चे सही उत्तर तक नहीं बता सके। इस पर डीएम ने नाराजगी व्यक्त की। डीएम द्वारा सैदपुर के निरीक्षण के साथ ही उनके निर्देश पर सभी तहसीलों चार-चार स्कूलों का निरीक्षण भी सुबह किया गया। अचानक हुई इस छापामारी से बेसिक स्कूलों में हड़कंप मचा रहा। अध्यापकों ने फोन से एक दूसरे को सूचना देकर साथी अध्यापकों को सतर्क कर दिया। डीएम ने बताया कि सभी तहसीलों में बेसिक स्कूलों का औचक निरीक्षण कराया गया है। विभिन्न बिंदुओं पर कराए गए निरीक्षण की रिपोर्ट तलब की गई है। रिपोर्ट मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
शहर/कस्बों से सटे स्कूलों की मांगी रिपोर्ट
डीएम डॉ. अखिलेश कुमार मिश्रा ने बताया कि शहर से सटे क्षेत्र के अधिकांश स्कूलों में मानक से जरूरत से शिक्षक शिक्षिकाओं की तैनाती की सूचनाएं मिली हैं। बीएसए कार्यालय से इसकी रिपोर्ट तलब की गई है। तैनाती की समीक्षा की जाएगी।
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फोटो- 20
मसाले की गुणवत्ता ठीक नहीं मिली, बच्चे भी मिले कम
क्रासर....
एसडीएम को स्कूलों के निरीक्षण में मिली कई खामियां
अमर उजाला ब्यूरो
अमरिया (पीलीभीत)। एसडीएम वंदना त्रिवेदी ने मंगलवार को तहसील क्षेत्र के आधा दर्जन प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व निजी विद्यालयों का निरीक्षण किया।
एसडीएम वंदना त्रिवेदी ने कल्यानपुर चकतीर्थ के उच्च प्राथमिक विद्यालय में सुबह सवा दस बजे पहुंच कर आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें स्कूल में सभी अध्यापक मौजूद मिले। विद्यालय में कुल 121 बच्चों में केवल 53 बच्चे उपस्थित थे। इस विद्यालय में केवल आठ बच्चों को ड्रेस मिली है। यहां रसोईया मौजूद थीं, लेकिन खाना नहीं बन रहा था। एसडीएम द्वारा रसोईयों से भोजन के बारे में पूछे जाने पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल सका। प्राथमिक विद्यालय बरात बोझ में सभी अध्यापक मौजूद मिले। यहां पंजीकृत 160 बच्चों में से 60 बच्चे मौजूद मिले। यहां केवल 40 बच्चों को ही ड्रेस मिली है। बरातबोझ के उच्च प्राथमिक विद्यालय में रसोई में खाने में इस्तेमाल होने वाले मसालों की गुणवत्ता ठीक नहीं पाई गई। इसके अलावा दो निजी स्कूल शारदा शिक्षा निकेतन बरात बोझ व नीलगिरी स्कूल अमरिया का निरीक्षण किया गया जिनमें सब ठीक मिला। इस दौरान कल्यानपुर चक तीर्थ में शौचालयों की जांच की गई। जांच में सभी शौचालय क्रियाशील पाए गए। ग्रामीणों ने एसडीएम को बताया कि अब कोई व्यक्ति खुले में शौच को नहीं जाता है।