बर्खास्त सचिव पर होगी एफआईआर
सीडीओ को तलब किया तब चेता महकमा
फर्जी दस्तावेजों से बर्खास्त सचिव ने प्राप्त की थी नौकरी
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। बिलसंडा में बर्खास्त सचिव द्वारा वर्तमान सचिव को ग्राम पंचायत के अभिलेख उपलब्ध न कराने के मामले में जन सूचना के तहत मांगी गई जानकारी उपलब्ध नहीं कराने पर राज्य सूचना आयोग ने संज्ञान मं लिया है। कई दिन पहले पत्र भेज कर गुरुवार को सीडीओ डॉ. दिनेश कुमार सिंह को आयोग में तलब किया था। इस पत्र के मिलने के बाद आनन फानन में सीडीओ ने तत्कालीन बीडीओ डॉ. विवेकानंद को सूचना न देने का जिम्मेदार बताते हुए अपना पल्ला झाड़ लिया। आयोग को भी पत्र भेज कर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी। इसके अलावा आनन-फानन में सीडीओ ने बर्खास्त पंचायत सचिव राजीव प्रकाश के खिलाफ एफआईआर कराने के लिए डीपीआरओ को निर्देश दिया है।
मामला बिलसंडा की ग्राम पंचायत पकड़िया ताल्लुके दियूरियां कला का है। वर्ष 2017 में तैनात रहें तत्कालीन पंचायत सचिव राजीव प्रकाश ने अफसरों से सांठगांठ कर मृतक आश्रित कोटे में फर्जी दस्तावेजों के जरिए नौकरी हासिल कर ली थी। बाद में मामले की जांच हुई जिसके बाद सचिव राजीव प्रकाश को बर्खास्त करते हुए डीपीआरओ कार्यालय के एक अन्य बाबू को निलंबित कर दिया गया। बर्खास्त होने के बाद तत्कालीन सचिव राजीव प्रकाश ने वर्तमान सचिव तोले राम को ग्राम पंचायत के अभिलेख चार्ज में नहीं दिए। इस मामले की शिकायत विभागीय अधिकारियों से की गई लेकिन किसी ने कोई संज्ञान नहीं लिया। तीन फरवरी को दियूरियां कला निवासी सुरेंद्रपाल ने इस पूरे मामले की जानकारी जन सूचना के तहत मांग ली। तय समय के बाद भी संबंधित विभाग द्वारा मांगी गई सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई। शिकायतकर्ता की अपील पर राज्य सूचना अयोग ने शिकायतकर्ता की अपील को गंभीरता से लेते हुए सीडीओ डॉ. दिनेश कुमार सिंह को 15 फरवरी को तलब कर लिया। यह पत्र यहां करीब एक सप्ताह पहले प्राप्त हो गया। इसके बाद सीडीओ ने सूचना देने में आनाकानी का ठीकरा तत्कालीन बीडीओ पर फोड़ दिया।
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सीडीओ बोले, तत्कालीन एडीओ देंगे जवाब
इस मामले में सीडीओ डॉ. दिनेश कुमार सिंह का कहना है कि फर्जी नियुक्ति प्रकरण में तत्कालीन सचिव राजीव प्रकाश बर्खास्त हैं। उसके खिलाफ डीपीआरओ प्रमोद कुमार यादव को एफआईआर कराने के आदेश दिए गए हैं। जन सूचना के तहत मांगी गई जानकारी से मेरा कोई मतलब नहीं है। आयोग ने तत्कालीन खंड विकास अधिकारी डॉ. विवेकानंद को तलब किया है। इस प्रकरण में मुझे सिर्फ अभिलेख उपलब्ध कराने के लिए कहा हैं।
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