पीलीभीत। सुप्रीम कोर्ट द्वारा सहायक अध्यापक पद पर समायोजित किए गए शिक्षामित्रों का समायोजन निरस्त करने के फैसले के बाद बुधवार को शिक्षामित्र स्कूलों में नहीं पहुंचे। जिसके चलते जिले भर में सौ से अधिक स्कूल बंद रहे।
जिले में जिला प्राथमिक शिक्षक कार्यक्रम के तहत वर्ष 2001 में बतौर संविदा शिक्षामित्रों की तैनाती की गई थी। वर्ष 2001-02 में सर्व शिक्षा अभियान शुरू होने के बाद भर्ती किए गए 1854 शिक्षामित्रों को इससे संबद्ध कर दिया गया। इसके बाद समायोजन प्रक्रिया के तहत प्रथम चरण में 545 और दूसरे चरण में 1095 शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक पद पर समायोजित किया गया। इधर जिले में शिक्षकों की कमी के चलते विभाग द्वारा कई समायोजित शिक्षकों को इंचार्ज प्रधानाध्यापक बना दिया गया। वहीं जिले में कई ऐसे स्कूल भी हैं, जहां प्रधानाध्यापक से लेकर सभी शिक्षक समायोजित शिक्षक ही हैं। महकमे के मुताबिक जिले में करीब सौ ऐसे स्कूल हैं, जहां समायोजित शिक्षक इंचार्ज प्रधानाध्यापक के रूप में कार्य कर रहे हैं। वहीं 40 से 50 स्कूल ऐसे हैं, जहां समायोजित शिक्षक ही पूरे स्टाफ के रूप में तैनात थे। इधर शिक्षामित्रों के समायोजन मामले में फैसला आने के बाद बुधवार को शिक्षामित्र स्कूल नहीं पहुंचे। सूत्रों के मुताबिक शिक्षामित्र के स्कूल न जाने से जिले भर में करीब सौ से अधिक स्कूलों में बुधवार को बंद रहे। पढ़ाई और मिड-डे मील की आस में पहुंचे बच्चों को बिना पढ़ाई के ही स्कूलों से बैरंग होना पड़ा। इधर इस संबंध में बीएसए डॉ. इंद्रजीत प्रजापति ने बताया कि बुधवार को खंड शिक्षा अधिकारियों को स्कूल बंद होने की रिपोर्ट नहीं दी गई है। जो शिक्षामित्र इंचार्ज प्रधानाध्यापक का चार्ज देख रहे थे, उन्हें सहायक अध्यापकों को स्कूल की चाभी देने को कहा गया है। जहां पूरा स्टाफ की शिक्षमित्रों का था, वहां बृहस्पतिवार से समीप के शिक्षक को अटैच कर विधिवत शिक्षण कार्य शुरू कराया जाएगा।