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12 साल के बच्चे, 70 साल के बूढ़े बने ड्राइवर 

Tue, 28 Nov 2017 10:32 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो  पीलीभीत।
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ई-र‌िक्शा - फोटो : अमर उजाला
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ई रिक्शों से शहर में लग रहा जाम, जाम से बढ़ रहा प्रदूषण
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नियम व मानकों की धज्जियां उड़ा रहे हैं 1500 से अधिक ई-रिक्शे 
शहर में 1500 से अधिक ई-रिक्शे और किराया भी मात्र दस से 15 रुपये। अगर सुविधा की बात की जाए तो यह एक बड़ी सुविधा है, लेकिन बेतरतीब ढंग से फर्राटा भर रहे ई-रिक्शे अब धीरे-धीरे शहरवासियों के लिए नासूर बनते जा रहे हैं। प्रदूषण कम करने लिए चलाए जा रहे इन ई रिक्शा से शहर में जगह-जगह जाम लग रहा है। जाम में फंसने वाले वाहनों से प्रदूषण बढ़ रहा है। सबसे खास बात यह है कि ई-रिक्शे सड़कों पर नियमों व मानकों की धज्जियां उड़ाते हुए बिना पंजीकरण फर्राटा भर रहे हैं।  
सवा दो लाख की आबादी वाले इस शहर की यातायात व्यवस्था पहले से ही पटरी थी। उस पर ई-रिक्शा के संचालन ने कोढ़ में खाज का काम कर दिया। साल भर से अधिक समय से दौड़ रहे ये ई-रिक्शे पहले गलियों व छोटी दूरी ही तय करते थे, लेकिन अब ये मुख्य मार्गों से लेकर हाईवे तक पर दौड़ रहे हैं। जिम्मेदारों ने ऑटो व टेपों पर तो नकेल कसी, लेकिन ई-रिक्शा पर कार्रवाई का नियम नहीं बना सके। इसका फायदा उठाकर 12 साल के नाबालिग से लेकर 70 साल से अधिक के बुजुर्ग भी ई-रिक्शा चलाने लगे। कोई इयरफोन लगाकर तो कोई स्टीरियो की ऊंची आवाज में ई-रिक्शा दौड़ा रहा है। खास बात यह है कि इनसे शहर में कई कई बार जाम तो लग ही रहा है, जाम में फंसे अन्य वाहन प्रदूषण में खासा इजाफा भी कर रहे हैं। 
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400 ई-रिक्शे हैं रजिस्टर्ड 
शहर के प्रमुख चौराहों व हाईवे पर ई-रिक्शों की फौज दिखने लगी तो जिम्मेदारों की नींद टूटी और रजिस्ट्रेशन की कार्रवाई शुरू हुई, लेकिन इसमें भी पूरी सफलता नहीं मिल सकी। उप संभागीय परिवहन कार्यालय के मुताबिक अब तक करीब 400 ई-रिक्शों का रजिस्ट्रेशन हो पाया है, जबकि शहर में करीब 1500 से अधिक ई-रिक्शे हैं। 

सड़कों पर जाम तो पहले से ही लग रहा था, इन ई-रिक्शों के आने से जाम और भी बढ़ गया। सड़कों पर कई बार जाम लगने से व्यापार भी चौपट होने लगा है। 
सलीम, व्यापारी 

ई-रिक्शे बड़ी तादाद में बढ़ गए हैं। इन्हें न तो सड़कों पर चलने का ज्ञान है और न ही दूसरों की परवाह। इनसे अक्सर दुघर्टनाएं भी हो रही है। इन पर अंकुश लगना जरूरी है। 
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तोताराम, एकतानगर 

अब तक 56 ई-रिक्शे हो चुके हैं सीज 
नियमों का उल्लंघन करने वाले ई-रिक्शों चालकों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। पूर्व में अभियान चलाकर कार्रवाई की गई थी। डेढ़ माह के भीतर करीब 56 ई-रिक्शे सीज किए जा चुके हैं और कइयों से जुर्माना भी वसूला गया है। यातायात नियमों के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। 
दुर्गा प्रसाद, टीएसआई 
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