नगरपालिका परिषद में बुधवार को
वर्ष 2015-16 के लिए अनुमानित 12.26 करोड़ रुपये मुनाफे का बजट पारित किया
गया। ठेकेदारों द्वारा मनमाने ढंग से कार्य करने पर सदस्यों ने जमकर शोर
शराबा किया।
नगरपालिका सभागार में अध्यक्ष प्रभात जायसवाल की अध्यक्षता
में आगामी वित्तीय वर्ष का बजट पेश किया गया। लेखाकार विनोद त्रिपाठी ने
वर्ष 2014-15 में हुई आय व्यय का ब्यौरा पेश किया। सदस्य कुश कुमार ने
13वें वित्त आयोग से मिले बजट में व्यय धनराशि के बारे में पूछा।
लेखाकार
ने 52,03,326 रुपये खर्च होने की बात कही। इस पर सदस्य ने नाराजगी जताते
हुए व्यय के लिए समय मांगने की बात कही। लेखाकार ने आगामी वित्तीय वर्ष के
लिए 32,00,31000 रुपये अनुमानित आय व 19,74,07000 करोड़ रुपये व्यय का बजट
पेश किया। जिसे सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से बिना किसी अवरोध के पास कर
दिया। सदस्यों ने शहर में मच्छरों का प्रकोप बढ़ने की बात कहते हुए फागिंग
कराने की मांग की।
बैठक में पूर्व में हुए नखासा बाजार समेत तीन ठेकों पर
सहमति मांगी। जिस पर अपनी सहमति न देते हुए मामले को अगली बैठक में रखने की
बात कही। बैठक में कर निर्धारण अधिकारी नरसिंह राणा, जेई सोमप्रकाश, सदस्य
देवी सिंह, अनूप कुमार, पुष्पा उपाध्याय, कंचन सक्सेना, मंजू जाससवाल,
नीतू अवस्थी, महेंद्रपाल, इकबाल हजरत, मनोज कुमार, सुभाष सोनकर, नामित
सदस्य विशाल बाल्मीकि, फैज आलम, फिरोज, दिलशान आदि मौजूद रहे।
ठेकेदारों की मनमानी पर शोर शराबा
नगरपालिका
में पंजीकृत ठेकेदारों पर सदस्यों ने निर्माण कार्य मनमाने तरीके से कराने
व कोई जानकारी न देने का आरोप लगाते हुए जमकर शोर शराबा किया। सदस्यों का
कहना था कि ठेकेदार सदस्यों को कार्य के बारे में लिखित रूप से अवगत कराए।
नहीं पहुंचा कोई प्रशासनिक अफसर
नगरपालिका
में बजट सत्र के दौरान प्रभारी ईओ अरुणमणि त्रिपाठी नदारद रहे। जिस पर
अध्यक्ष ने ईओ के प्रशासनिक कार्य से बाहर जाने की जानकारी दी। कोई अन्य
प्रशासनिक अफसर के मौजूद न रहने पर सदस्य कानाफूसी करते देखे गए।