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बजाज एनर्जी लिमिटेड बरखेड़ा: सरकार न बिजली खरीद रही न सौ करोड़ का बकाया दे रही

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पीलीभीत। प्रदेश में बिजली की उपलब्धता अब कम नहीं है। सरकार के निजी क्षेत्र के पावर प्लांटों से हुए परचेजिंग एग्रीमेंट पर गौर करें तो प्रदेश में इतनी बिजली का उत्पादन हो रहा है कि हर घर को 24 घंटे लगातार बिजली दी जा सकती है। पीलीभीत के बरखेड़ा कस्बे में 600 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित बजाज ग्रुप के पावर प्लांट की क्षमता 90 मेगावाट है। इतनी ही क्षमता का इस ग्रुप का एक प्लांट शाहजहांपुर के मकसूदापुर में हैं। सरकार का इन दोनों प्लांट से बिजली खरीदने का एग्रीमेंट है, लेकिन इनसे बिजली नहीं ली जा रही है। लिहाजा ये प्लांट बंद पड़े हैं।
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बजाज एनर्जी लिमिटेड के बरखेड़ा स्थित प्लांट की बात करें तो इस प्लांट में मार्च, 2011 से बिजली का उत्पादन शुरू हुआ था। बसपा के शासनकाल में इस प्लांट से प्रदेश के लिए बिजली लेने का अनुबंध हुआ। प्रदेश सरकार से 25 वर्ष के लिए हुए पावर परचेजिंग एग्रीमेंट के मुताबिक, प्लांट सरकार को 5.50 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली देगा। इसमें 1.80 रुपये फिक्स कॉस्ट और 3.70 रुपये वेरिएबल कॉस्ट है। चूंकि कोयले के दाम घटते बढ़ते रहते हैं, इसलिए वेरिएबल कॉस्ट में उतार-चढ़ाव आता रहता है।
एग्रीमेंट के मुताबिक, अगर सरकार प्लांट से बिजली नहीं भी खरीदती है, तो भी उसे फिक्स कॉस्ट का भुगतान प्लांट को करना होगा। प्लांट प्रति घंटे 81222 यूनिट बिजली देता है। इस तरह सरकार पर हर घंटे 186199 रुपये की देनदारी बढ़ रही है। सरकार पर करीब सौ करोड़ रुपया प्लांट का बकाया है। इसका भुगतान न मिलने से कर्मचारियों का तीन महीने का वेतन अटका है।
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