खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर लाभार्थी
- नहीं मिली आवास की दूसरी किस्त, ग्रामीण परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। अफसरों की उदासीनता के कारण आवासों की दूसरी किस्त खाते में नहीं आ पाने के कारण लाभार्थी खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है। वह रोजाना जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के पास अपना सारा कामकाज छोड़कर चक्कर लगा रहे है। पैसा जल्द ही खाते में आने का आश्वासन दिया जाता रहा है, लेकिन समस्या का समाधान होता नहीं दिख रहा।
मामला जहानाबाद नगर पंचायत का है। केंद्र सरकार की शहरी आवास योजाना के तहत नगर पंचायत में गरीबों के लिए 500 आवास स्वीकृत हुए थे। इसके बाद लाभार्थियों को आवास आवंटित कर उनके खाते में प्रथम किस्त की धनराशि भेज दी गई। अब प्रथम किस्त में मिली धनराशि के बाद दूसरी किस्त करीब तीन सौ लोगों के खाते में नहीं पहुंच सकी है। ग्रामीण राजवीर, राधेश्याम, कलावती ने पिछले दिनों मामले की शिकायत सीडीओ कार्यालय में की थी। लेकिन अब भी करीब तीन सौ आवास के निर्माण में दूसरी किस्त रोड़ा बनी है। अधूरी आवास के कारण बारिश के इन दिनों में पात्र गरीबों छत नसीब नहीं होने के कारण परेशान है।
परियोजना निदेश डूडा अनामिका मिश्रा ने बताया कि अधिकांश लाभार्थियों के खाते में दूसरी किस्त पहुंच गई है। सात दिन के अंदर बचे हुए सभी लाभार्थियों के खाते में दूसरी किस्त पहुंच जाएगा। आवास संबंधी मामले में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाए, इसके सख्त निर्देश दिए गए है।