बाघ ने मैदना गांव के खेतों में जमाया डेरा, दहशत
पूरे दिन जुटी रही वन विभाग की टीम
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। वनकटी के जंगल से निकले बाघ ने एक बार फिर गांव के निकट दस्तक दी है। टनकपुर रोड पर स्थित मैदना गांव के निकट गन्ने के खेत में बाघ ने डेरा जमा लिया है। इसकी जानकारी मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन खेत स्वामी से अनुमति न मिलने के कारण टीम गन्ने के खेत में नहीं घुस सकी। बाघ के खेत में होने से ग्रामीणों में दहशत है।
टाइगर रिजर्व से सटे क्षेत्रों में आए दिन बाहर आ रहे बाघ लोगों के लिए मुसीबत बनते जा रहे हैं। शनिवार को सुबह टनकपुर रोड पर स्थित गांव मैदना निवासी रामप्रताप के खेत पर ग्रामीणों ने बाघ को घूमते देखा। इससे आसपास काम कर रहे किसान शोर मचाते हुए गांव में भाग गए। ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस और वन विभाग को दी। जानकारी मिलने पर सामाजिक वानिकी के वन दरोगा नवनीत यादव टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वनकर्मियों ने खेत का निरीक्षण किया। इसमें उन्हें बाघ के पदचिह्न मिले। ग्रामीणों ने बताया कि बाघ गन्ने के खेत में छिपा हुआ है। इस पर वन विभाग की टीम ने गन्ने के खेत में ट्रैक्टर ले जाकर जांच करने की तैयारी शुरू की लेकिन खेत स्वामी ने गन्ने की फसल को नुकसान होना बताकर ट्रैक्टर को खेत में ले जाने से मना कर दिया। इससे बाघ की तलाश नहीं हो सकी। वनदरोगा नवनीत यादव ने बताया कि ग्रामीणों के अनुसार बाघ गन्ने के खेत में मौजूद है। इसके चलते खेत से कुछ दूरी पर टीम के साथ निगरानी की जा रही है। ग्रामीणों से भी सतर्क रहने और खेत पर अकेले न जाने की अपील की जा रही है।