पीलीभीत। प्रदेश सरकार के फैसले के विरोध में आंदोलन कर रहे शिक्षामित्रों ने शनिवार को पुलिस व पीएसी की मौजूदगी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पुतला फूंक दिया। पुलिस ने शिक्षामित्रों को रोकने का भी प्रयास किया, लेकिन असफल रहे। शिक्षामित्रों का धरना प्रदर्शन चौथे दिन भी जारी रहा।
संयुक्त समायोजित शिक्षक/ शिक्षामित्र समिति के बैनर तले जिले के शिक्षामित्रों द्वारा बीएसए कार्यालय परिसर में छह सितंबर से धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। इधर शनिवार को भी जिले के कई शिक्षामित्रों ने बीएसए कार्यालय परिसर में नारेबाजी कर धरना दिया। सभा में वक्ताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर बनी कमेटी के समक्ष समान कार्य, समान वेतन आदि पर सहमति बनी थी, लेकिन अब सरकार खुद पीछे हट रही है। यदि सरकार ने शिक्षामित्र संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बनी सहमति को तत्काल लागू नहीं किया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
इस बीच कुछ शिक्षामित्रों ने धरनास्थल पर मौजूद पुलिस व पीएसी को चकमा देते हुए समीप पड़े खाली मैदान में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पुतले को आग के हवाले कर दिया। पुतले में आग लगते ही धरने पर बैठे शिक्षामित्र भी पुतले की ओर दौड़ पड़े और मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी कर उस पर जमकर उस पर लाठी डंडे बरसाए। हालांकि पुलिस ने पुतले को छीनने का प्रयास भी किया, लेकिन इससे पहले ही पूरा पुतला धूं-धूं कर जल उठा। पुलिस को पुतले के कुछ टुकड़े ही हाथ लग सके। पुतला दहन व धरना देने वालों में राम सिंह राठौर, महेंद्र पाल वर्मा, हरिओम पांडेय, अमरजीत, कांता प्रसाद, जगदीश गंगवार, सुमन बाला, धर्मश्री, प्रमोद शास्त्री, शिखा गोस्वामी, प्राची अग्निहोत्री, चंद्रभानु, बृजेश कुमार, रमेशचंद्र शर्मा, नीतू सैनी, रामबहादुर गौतम, डॉ. महेश आदि शिक्षामित्र शामिल रहे।
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पहले से ही बना ली थी पुतला फूंकने की प्लानिंग
शिक्षामित्रों ने बीएसए कार्यालय परिसर में शनिवार को हुए धरने की शुरूआत में ही मुख्यमंत्री का पुतला फूंकने की तैयारी कर रखी थी। इसको लेकर धरनास्थल से कुछ ही दूरी पर मुख्यमंत्री का फोटोयुक्त पुतला बनाकर रख लिया गया। खास बात यह है कि बीएसए कार्यालय परिसर में तैनात पुलिस, पीएसी व खुफिया विभाग की मौजूदगी में यह सबकुछ होता रहा, लेकिन उनको कानों कान भनक नहीं लगने दी गई। धरनास्थल से मात्र दस मीटर की दूरी पर कुछ शिक्षामित्रों ने छिपाकर रखे गए पुतले में आग लगा दी।