पीलीभीत। माना जाता है कि जंगल के राजा अपने निर्धारित क्षेत्र में रहते हैं और एक के इलाके में दूसरा हस्तक्षेप नहीं करता। यदि करता है तो संघर्ष में एक मारा जाता है। पिछले दिनों बाघों के हमले के बाद चर्चा में आए वनकटी रेंज में बाघों की हाल में पाई गई मौजूदगी ने इस मिथक को तोड़ दिया है। घटनाओं के बाद यहां लगाए गए कैमरों में छह बाघों की मौजूदगी सामने आई हैं। इसमें दो शावक के साथ घूम रही बाघिन भी शामिल है।
करीब तीन साल पूर्व नौ जून 2014 को घोषित हुए टाइगर रिजर्व में बाघ एवं वन्यजीवों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। पिछले दिनों लेजर कैमरों के माध्यम से गणना भी हुई थी। हालांकि इसके आंकड़े अभी प्रदर्शित नहीं हुए हैं लेकिन टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या 50 से 60 के बीच होने की संभावनाएं व्यक्त की जा रही हैं। बाघों की लगातार बढ़ती संख्या के चलते ही इनके बाहर आने और हमले की घटनाएं भी बढ़ रही हैं। करीब तीन महीने में वनकटी क्षेत्र में बाघ का आतंक एकाएक बढ़ गया है। एक के बाद एक हमले हो रहे हैं। इन घटनाओं के बाद वन विभाग ने डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के सहयोग से निगरानी के लिए क्षेत्र में कैमरे लगाए हैं। इन कैमरों में बाघों की फोटो भी कैद हो रही है, लेकिन कैमरों में कैद हो रहे बाघों की संख्या को देखते हुए हमलावर की सही पहचान नहीं हो पा रही है। सूत्रों की मानें तो वनकटी रेंज के लगभग पांच किमी क्षेत्र (5 किमी लंबाई और 3 किमी चौड़ाई) में छह बाघ अब तक कैैमरें में कैद हो चुके हैं। इसमें कुछ बाघ बार-बार कैमरे के सामने आए हैं, जबकि कुछ एक बार ही दिखे हैं।
000000
वनकटी में घूम रहा घायल बाघ
वनकटी क्षेत्र में करीब डेढ़ माह पूर्व एक घायल बाघ भी देखा गया था। माना जा रहा है कि यह हमले उसी बाघ द्वारा किए जा रहे हैं, लेकिन उसके अगले एक पैर में घाव को देखते हुए जंगल से बाहर आकर हमला करने की संभावनाएं न के बराबर हैं। वन विभाग सूत्रों की मानें तो बाघ की स्थिति में भी अब काफी सुधार है।
00000
बच्चों के साथ दो बार दिखी बाघिन
शिवपुरिया निवासी मिहीलाल और मेथी की महिला ननकी देवी पर हमले के बाद ग्रामीणों ने बाघ के साथ बच्चे होने का भी दावा किया था। प्रांरभ में वन विभाग ने इसे नकार दिया था, लेकिन अब क्षेत्र में लगे कैमरों में एक बाघिन अपने दो शावकों के साथ दो बार कैमरे में कैद हुई है। इससे ग्रामीणों की कही जा रही बातों को बल मिला है.
0000000
वनकटी क्षेत्र में हमले के बाद निगरानी को कैमरे लगाए गए हैं। इनकी समय-समय पर जांच की जा रही है। क्षेत्र में एक अकेला बाघ हमला कर रहा हो ऐसा नहीं कहा जा सकता, सही संख्या जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
- कैलाश प्रकाश, डीएफओ टाइगर रिजर्व