न्यूरिया/ पीलीभीत। तराई के इस जिले में बाघ का कहर कम नहीं हो रहा है। मंगलवार सुबह नौ बजे गन्ने के खेत में घास काट रहे न्यूरिया थाना क्षेत्र के गांव शिवपुरिया निवासी 48 वर्षीय मिहीलाल पर बाघ ने हमला कर जान से मार डाला। वहां मौजूद भतीजे संजय के शोर मचाने पर आसपास खेतों पर काम कर रहे ग्रामीण दौड़कर मौके पर पहुंचे, जिस पर बाघ शव छोड़कर जंगल में जा छिपा। बाघ के आतंक की बढ़ती इन घटनाओं को लेकर ग्रामीणों में खासा रोष रहा। ग्रामीणों के आक्रोश के चलते वनविभाग के अधिकारी कर्मचारी मौके पर जाने की हिम्मत तक नहीं जुटा सके। एसडीएम सदर ने मौके पर पहुंच किसी तरह उत्तेजित ग्रामीणों को मृतक के परिवार को 10 लाख रुपये का मुआवजा दिलाने का आश्वासन देकर शांत कराया। इसके बाद पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा। इसके अलावा अमरिया क्षेत्र में जंगल से बाहर घूम रहे बाघ ने एक फार्महाउस में बंधे पड्डे को निवाला बनाने का प्रयास किया।
न्यूरिया थाना क्षेत्र के गांव शिवपुरिया निवासी मिहीलाल मंगलवार को सुबह आठ बजे पशुओं के लिए घास लेने घर से निकले थे। उनके साथ 14 वर्षीय भतीजा संजय भी था। दोनों जंगल से करीब 200 मीटर दूर स्थित सरदूल सिंह के गन्ने के खेत में घास काट रहे थे। तभी लगभग नौ बजे जंगल से निकलकर खेत में पहुंचे बाघ ने मिहीलाल पर हमला बोल दिया और उनकी गर्दन पकड़कर खेेत से बाहर झाड़ियों की ओर खींचकर ले गया। मिहीलाल की चीख सुनकर भतीजा संजय शोर मचाता हुआ दूर भागा। इस पर आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीण घटना स्थल की ओर भागे। ग्रामीणों को आते देख बाघ मिहीलाल का शव झाड़ियों में छोड़कर भाग गया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस और वन विभाग को दी। सुबह हुई इस घटना से बिठौराखुर्द, शिवपुरिया, पंडरी सहित कई गांव के लोग मौके पर पहुंच गए। लगातार हो रही घटनाओं पर ग्रामीणों ने नाराजगी व्यक्त की। उत्तेजित ग्रामीण वन विभाग पर बाघ के आतंक से निजात दिलाने की दिशा में कोई प्रयास न करने का आरोप लगा रहे थे। इस बीच एसडीएम सदर पूर्णिमा सिंह, सीओ सदर धर्मसिंह, एसओ न्यूरिया जसपाल ग्वाल मौके पर पहुंचे, लेकिन ग्रामीणों के गुस्से को देख वनविभाग का कोई भी अधिकारी -कर्मचारी घटना स्थल पर पहुंचने की हिम्मत नहीं जुटा सका। विरोध कर रहे ग्रामीणों को एसडीएम ने वनविभाग और प्रशासन से मृतक के परिवार को पांच-पांच लाख का मुआवजा दिलाने का आश्वासन देकर शांत कराया। इसके बाद पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा। उधर घटना की जानकारी मिलने पर बरखेड़ा विधायक किशनलाल राजपूत ने पोस्टमार्टम हाउस पहुुंचकर परिवार वालों को सांत्वना दी। साथ ही डीएफओ व एसडीएम को तलब कर कड़ी फटकार लगाई और बाघों से ग्रामीणों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए।
विशनपुर गांव में घुसा बाघ, हड़कंप
पीलीभीत। अमरिया क्षेत्र में विशनपुर गांव के निकट बलराज सिंह के फार्म हाउस में बाघ ने हमला कर एक पड्डे को अपना निवाला बनाने का प्रयास किया। परिवार के लोगों के चीखने चिल्लाने से बाघ घायल पड्डे को छोड़ कर डबरी की झाड़ियों में चला गया। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने जानकारी जुटाई।
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घटना की सूचना पर टाइगर रिजर्व केे डीएफओ के साथ गांव की ओर रवाना हुए थे, लेकिन स्थिति और बिगडने की आशंका को लेकर पुलिस प्रशासन ने उन्हें आने से रोक दिया। मुआवजा दिलाने की कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद से क्षेत्र में वनकर्मियों की गस्त बढ़ा दी गई है। गांव के लोगों से भी अकेले जंगल के निकट स्थित खेत में न जाने को कहा जा रहा है। - आदर्श कुमार, डीएफओ सामाजिक वानिकी