खेकड़ा (बागपत)।
इस बार रोजे 15 घंटे से ज्यादा समय के होंगे। गर्मी के मौसम में सुबह से शाम तक बिना कुछ खाए रहना रोजेदारों के लिए बड़ी चुनौती होगा। ऐसे में सहरी और इफ्तार के दौरान खाने का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। सहरी के दौरान हेलदी डाइट और इफ्तार में संतुलित खाने से रोजेदार सेहतमंद रहेंगे।
नगर के वरिष्ठ डॉ. अफजाल अहमद ने बताया कि इफ्तार के दौरान अधिकांश लोग खजूर खाते हैं, जबकि इसे सहरी में खाना चाहिए। खजूर में फॉलिक एसिड, आयरन और फाइबर काफी मात्रा में होता है। इससे काफी देर तक भूख नहीं लगती। इसके साथ ही शरीर में पानी की कमी नहीं होती। तरल के रूप में नींबू पानी और मट्ठा पीना चाहिए। मट्ठे में कैलोरिक वैल्यू सबसे कम और प्रोटीन की मात्रा ज्यादा होने के साथ ही फेट नहीं होता है। इसके अलावा केला, आम, अंडा, मक्खन, पनीर, रोस्टेड चिकन सहरी के बेहतर विकल्प हैं। सहरी में पराठे और फेट वाली चीजें नहीं खानी चाहिए। तीस से चालीस वर्ष के लोगों को रोटी-ब्रेड खाना चाहिए। जबकि उम्र दराज लोगों को सहरी में हल्का भोजन लेना चाहिए।
खाली पेट रहने के बाद हल्का खाए
करीब 15 घंटे से ज्यादा खाली पेट रहने के बाद अक्सर लोग इफ्तार के दौरान ज्यादा खा लेते हैं। ऐसा करना सेहत के लिहाज से ठीक नहीं होता। इफ्तार में हल्का खाकर नमाज के करीब एक घंटे बाद भरपेट खाना चाहिए। इफ्तार में फल, दही, स्प्राउट्स (भीगे अनाज), सलाद, कस्टर्ड आदि खाया जा सकता है। फलों में तरबूज और खरबूजा खाने से बचना चाहिए। इसके साथ ही पकौड़ा, पापड़, फुल्की और तली चीजें भी नहीं खानी चाहिए। रोजा सादे पानी या खजूर से खोलना चाहिए।