बाघ की नहीं मिली लोकेशन, लोगों में दहशत
निगरानी को वनविभाग ने लगाए कैमरे
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अमर उजाला ब्यूरो
अमरिया/ पीलीभीत।
अमरिया क्षेत्र में रविवार को बाघ के हमले के बाद से क्षेत्र में दहशत है। बाघ की निगरानी को वन विभाग ने डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के सहयोग से कैमरे लगाए हैं। सोमवार को वन विभाग की टीम क्षेत्र में बाघ की तलाशी में जुटी रही लेकिन कहीं भी लोकेशन नहीं मिली।
अमरिया क्षेत्र में घूम रहे बाघ ने रविवार को ग्राम नूरपुर के निकट खेत से मसूर उखाड़कर कर लौट रही महिलाओं पर हमला कर दिया था। इस हमले में गांव उदयपुर निवासी सावित्री देवी एवं जीनत घायल हो गईं थी। दोनों को जिला अस्पताल लाया गया जहां देर रात उन्हें लखनऊ रेफर कर दिया गया। घटना के बाद गांव पहुंची वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों के साथ बैठक कर सतर्क रहने और खेतों व गांव से बाहर अकेले न जाने की सलाह दी। बाघ की निगरानी के लिए वन दरोगा दिग्विजय सिंह की मौजूदगी में डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के प्रेम चंद्र मौय, शिवांगी आदि ने दो कैमरे लगाए हैं। रविवार की रात भर गांव में दहशत का माहौल रहा और लोगों ने जागकर रात बिताईं। सोमवार को सुबह वन विभाग की टीम पुन: क्षेत्र में पहुंची और बाघ की तलाश की। शाम तक तलाशी में घटना स्थल के आसपास बाघ की कोई लोकेशन नहीं मिली। अलबत्ता शुक्ला फार्म की ओर बाघ होने की सूचना मिली। डीएफओ आदर्श कुमार ने बताया कि घायलों का हरसंभव इलाज कराया जा रहा है। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की ओर से भी सहायता दिलाई जाएगी। क्षेत्र में निगरानी के लिए कैमरों के साथ टीम को भी लगाया गया है। फिलहाल नूरपुर के आसपास कहीं बाघ की लोकेशन नहीं मिली है।