खेकड़ा (बागपत)।
दशलक्षण पर्व के पांचवें दिन नगर क्षेत्र के जैन मंदिरों में भक्तांबर स्त्रोत विधान के आयोजन में भक्त भव विभोर होकर झूमे। इस दौरान वक्ता ने कहा भक्तांबर का नियमित पाठ करने से मन की अशांति एवं बाधाएं दूर होती है।
दश लक्षण पर्व में नगर क्षेत्र के सभी जैन मंदिरों में धर्म की लहर बह रही है। श्रद्धालु धार्मिक आयोजन में भाग लेकर धर्म लाभ उठा रहे हैं। भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर में दश लक्षण पर्व के पांचवें दिन बुधवार को कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान महावीर के प्रासुक जल से अभिषेक और शांति धारा के साथ ब्रहमचारी अनमोल शास्त्री के सानिध्य में शुरू हुआ। इसके बाद नित्य नियम सामूहिक पूजन एवं भक्तांबर स्त्रोत का आयोजन हुआ। भक्तांबर स्त्रोत विधान के समापन पर ब्रह्मचारी अनमोल शास्त्री ने भक्तांबर कहा भक्तांबर का प्रतिदिन पाठ करने मात्र से मन की अशांति एवं सभी बाधाएं दूर हो जाती हैं। सभी को नियमित रूप से अपने जीवन को सुखदायी बनाने के लिए भक्तांबर पाठ करना चाहिए। तभी उसका जीवन सार्थक हो सकता है। इस दौरान प्रवीण जैन, विरेंद्र जैन, अमित जैन, टिंकू जैन, संजय जैन, दीपक जैन, रुचि जैन, रीना जैन, दीपा जैन, उर्मिला जैन, बीना जैन, नीलम जैन, मधु जैन, पुष्पा जैन आदि रहे। रात्रि में शास्त्र प्रवचन प्रश्न मंच और तमोला गेम का आयोजन किया । श्री शांति नाथ प्राचीन दिगंबर जैन बड़ा मंदिर, त्रिलोक तीर्थ धाम, प्राचीन जैन मंदिर में भी दश लक्षण पर्व केे चलते विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ।