- भुगतान न होने से वीडीओ नाराज
ग्राम पंचायत अधिकारियों के एरियर भुगतान को शासन से प्राप्त 1.80 करोड़ की धनराशि विभाग ने वापस कर दी। सीडीओ ने एरियर निर्धारण मेें गड़बड़ी की आशंका व्यक्त करते हुए पत्रावली दोबारा देखने के निर्देश दिए हैं।
पंचायतीराज विभाग में तैनात करीब 35 ग्राम पंचायत अधिकारियों को प्रोन्नत वेतन स्वीकृत किए गया था, जिससे उनके वेतन में वृद्धि हो गई। आदेश के कुछ दिनों बाद बढ़े वेतन का भुगतान शुरू कर दिया गया, लेकिन एरियर भुगतान नहीं किया गया। वीडीओ द्वारा बार-बार मांग करने पर पिछले दिनों शासन ने 1.80 करोड़ की धनराशि उपलब्ध कराई थी, लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते महीनों तक इसकी पत्रावली लंबित रखी गई और मार्च के अंतिम दिन सीडीओ के समक्ष स्वीकृति को रखा गया। एरियर निर्धारण की पत्रावली में कुछ ग्राम पंचायत अधिकारियों का एरियर 50 हजार से अधिक होने पर सीडीओ को गड़बड़ी की आशंका हुई। इस पर उन्होंने सभी वीडीओ के एरियर भुगतान की पत्रावली का पुन: अवलोकन करने के निर्देश दिए हैं। 31 मार्च को भुगतान न होने के कारण धनराशि शासन को वापस कर दी गई। शासन से प्राप्त धनराशि वापस होने से भुगतान की आस लगाए बैठे वीडीओ काफी मायूस हैं।
प्रकरण की हो न्यायिक जांच
संयुक्त कर्मचारी परिषद के जिलाध्यक्ष हशमुद्दीन खां ने आरोप लगाया है एरियर भुगतान न कर धनराशि वापस भेजना कर्मचारियों का शोषण है। उनका कहना है कि यदि कोई बिल गलत था तो उससे संबंधित वीडीओ का भुगतान रोककर बाकी का भुगतान किया जाना चाहिए था। उन्होंने डीएम को पत्र भेजकर पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की है।
पत्रावली के अवलोकन के दौरान एरियर निर्धारण में गड़बड़ी प्रतीत हुई जिस पर पूरी पत्रावली के पुन: अवलोकन के निर्देश दिए हैं। एरियर बिल बनने के बाद शासन से धनराशि प्राप्त कर भुगतान कराया जाएगा।
- इंद्रदेव द्विवेदी, सीडीओ