यूपी के शाहजहांपुर की बिटिया ही नहीं, बल्कि मेरठ की भी एक नाबालिग के आसाराम की 'शिकार' बनने का मामला सामने आया है।
बताया जाता है कि यह लड़की इसी वजह से अगस्त में ही छिंदवाड़ा गुरुकुल से अपना नाम कटवाकर घर आ गई थी।
मेरठ की इस लड़की के पिता ने शाहजहांपुर की बिटिया के पिता को फोन पर आपबीती बतायी लेकिन अपनी पहचान गुप्त रखने के लिए उसने अब अपना फोन भी बंद कर दिया है।
पीड़िता के पिता ने बुधवार को इस प्रकरण की जानकारी देते हुए बताया कि एक सप्ताह पूर्व उनके पास एक फोन आया था। फोन करने वाले व्यक्ति ने बताया था कि आसाराम ने गुरुकुल में 11वीं में पढ़ रही उसकी बेटी की भी इज्जत लूटी थी।
जानकारी मिलने पर उन्होंने अगस्त में बिटिया का नाम कटवा लिया। फोन करने वाले व्यक्ति ने बिटिया के पिता से कहा था कि वह उनके साथ हैं और हर मदद देने के लिए तैयार हैं।
बिटिया के पिता ने बताया कि अब उस व्यक्ति का मोबाइल फोन बंद चल रहा है। जब उसके घर का पता लगाया गया तो उसके घर पर ताला पड़ा था।
बिटिया के पिता को आशंका है कि आसाराम ने ही अपने गुर्गों से उस परिवार को उठवा लिया होगा या फिर ऐसा दबाव बनवाया कि वह परिवार कहीं और चला गया होगा।
बिटिया के पिता का कहना है कि अगर वह परिवार भी सामने आ जाता तो आसाराम की हकीकत की एक और कहानी देश के सामने आ जाती। वह उनका पक्का गवाह भी बन सकता था।