फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'यूपी सरकार फेल, अब समाज करेगा अमन का फैसला'

Sat, 02 Nov 2013 01:29 AM IST
अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
विज्ञापन
विज्ञापन
भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि यूपी सरकार समाज में अमन का माहौल बनाने में नाकाम साबित हुई है। अब सर्वसमाज के खाप चौधरी भाईचारा बनाने की पहल करेंगे। हिंसा किसी समस्या का समाधान नहीं है।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि इसको लेकर जमीयत के मौलानाओं और खाप चौधरियों की बैठक छह नवंबर को सिसौली में होगी। टिकैत खुद दारुल उलूम के मोहतमिम अबुल कासिम बनारसी और जमीयत के अरशद और महमूद मदनी को न्योता देने देवबंद जाएंगे।

इस बीच, सीजेएम ने हुसैनपुर कलां के तिहरे हत्याकांड में जेल गए मोहम्मदपुर राय सिंह गांव के राजेंद्र फौजी का मेडिकल कराने का आदेश दिया है। बंदियों को जिला कारागार से कोर्ट ले जाने की कार्रवाई भी स्थगित कर दी गई है।
विज्ञापन


शुक्रवार को मोहम्मदपुर राय सिंह गांव में आहूत पंचायत में विभिन्न खापों के चौधरियों और रालोद नेताओं ने भाग लिया। वक्ताओं ने प्रदेश सरकार के रवैये पर नाराजगी जाहिर की।

गठवाला खाप के चौधरी बाबा हरिकिशन मलिक ने कहा कि पुलिस दोषियों को पकड़ने के बजाए निर्दोष लोगों को जेल भेज रही है। दंगे की सीबीआई जांच होनी चाहिए।

बैठक में सर्वसम्मति से तय हुआ कि हिंसा रोकने के लिए सर्वसमाज के लोगों का एकजुट होना होगा। इसके लिए सभी बिरादरियों के खाप चौधरी और जमीयत उलेमा के जिम्मेदार लोग बैठक कर समाज में शांति बनाने की पहल करेंगे।

खाप चौधरियों ने एक सुर में इस बार दिवाली नहीं मनाने का निर्णय किया। बाबा हरिकिशन मलिक ने कहा कि दिवाली तक देहात में गिरफ्तारी के लिए पुलिस का आना गलत है। पुलिस पहुंची तो विरोध किया जाएगा।

वहीं कुटबा में दर्जनभर गांवों के लोगों की पंचायत हुई। पंचायत में बीती रात पुलिस की दबिश से नाराज लोगों ने पुलिस-प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया और कहा कि हिंदू-मुसलमान को सपा सरकार ने लड़वाया।

बुलावा आया तो जाएंगे: कासमी
जमीयत उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय सचिव मौलाना हकीमुद्दीन कासमी ने कहा कि सामाजिक सौहार्द के लिए सामाजिक लोगों का मिलकर बैठना जरूरी है। सर्वसमाज की बैठक में बुलावा मिलता है तो वह जरूर जाएंगे। राजनीति के चक्रव्यूह में फंसकर लोग झगड़ा कर बैठे हैं। जाति, धर्म और राजनीति से ऊपर उठकर केवल सामाजिक बात करने से ही समस्या सुलझेगी।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें