सहारा इंडिया समूह प्रमुख सुब्रत राय की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं। निवेशकों की रकम वापस न करने के मामले में अदालत में हाजिर न होने के कारण गुरुवार को राय के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया।
सहारा प्रमुख के साथ कंपनी की चंदौसी शाखा के तत्कालीन प्रबंधक वेदराम सैलानी के खिलाफ भी गैर जमानती वारंट जारी किया गया है। मामले की अगली सुनवाई 25 फरवरी को होगी।
सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत राय ने वर्ष 1995-96 में ‘दि प्राइज सर्कुलेशन एंड कलेक्शन मनी गोल्डन स्कीम’ शुरू की थी। इस स्कीम पर उत्तर प्रदेश सरकार ने पाबंदी लगा दी थी।
कंपनी ने प्रतिबंध के बाद निवेशकों की रकम वापस नहीं की। इस पर नगर निवासी एडवोकेट धनवीर सक्सेना ने वर्ष 1997 में न्यायिक मजिस्ट्रेट बिसौली की अदालत में परिवाद दाखिल किया लेकिन आरोपी कोर्ट में हाजिर नहीं हुए।
उनके वकील ने कोर्ट में व्यक्तिगत उपस्थिति से माफी का प्रार्थना पत्र दिया। इसे अदालत ने खारिज करके गैर जमानती वारंट जारी कर दिए थे। इस आदेश को चुनौती देते हुए आरोपियों ने जिला जज की अदालत में रिवीजन याचिका दायर किया था।
जिला जज ने इसे खारिज करके मामले को सुनवाई के लिए न्यायिक मजिस्ट्रेट बिसौली शिवकुमार को सौंप दिया। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने एक फरवरी को सुनवाई के बाद दोनों के खिलाफ फिर से गैर जमानती वारंट जारी किए।