उत्तर प्रदेश टेक्निकल यूनिवर्सिटी (यूपीटीयू) ने प्रदेश के इंजीनियरिंग-मैनेजमेंट कॉलेजों के छात्रों की रोजगार क्षमताएं बढ़ाने के लिए नई पहल की है।
इंडस्ट्री की जरूरतें और एजुकेशन के बीच की दूरी को खत्म करने के लिए यूनिवर्सिटी ने सीएमसी के साथ शैक्षिक गठजोड़ किया है। इसके फ्री एंप्लॉयबिलिटी टेस्ट (रोजगार परीक्षा) से छात्र अपनी रोजगार क्षमताएं परख सकते हैं।
टेस्ट के जरिये सामने आने वाली खामियों पर ट्रेनिंग लेकर इंडस्ट्री में नौकरी के मौके भी हासिल कर सकते हैं।
दरअसल, सीएमसी, टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज (टीसीएस) की सहायक कंपनी है।
कंपनी ने नेशनल एंप्लॉयबिलिटी टेस्ट शुरू किया है, जिसे यूपीटीयू ने अपनाया है। इससे पहले भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई), भारतीय विश्वविद्यालय परिसंघ (सीआईयू) और भारतीय विश्वविद्यालय संघ (एआईयू) भी इस टेस्ट को अपना चुके हैं।
इस टेस्ट के जरिये छात्र अपने एप्टीट्यूड और कम्यूनिकेशन स्किल के साथ इंडस्ट्री के लिए जरूरी मानकों पर नौकरी के लिए अपनी योग्यता जांच सकते हैं।
साथ ही इंजीनियरिंग और नॉन इंजीनियरिंग कोर्सों के मेधावी छात्रों को टेस्ट के स्कोर के आधार पर स्किल सुधारने के लिए स्कॉलरशिप का भी प्रावधान बनाया गया है। यूपीटीयू के वीसी ने इस टेस्ट में प्रदेश के कॉलेजों को अपने छात्रों की भागेदारी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
10 जनवरी को मिलेंगी डिग्री
यूपीटीयू के दीक्षांत समारोह में शामिल होने वाले छात्रों की डिग्रियां कॉलेजों को 10 जनवरी को उपलब्ध कराई जाएंगी। इसकी जांच कॉलेजों को अपने स्तर पर करते हुए 11 जनवरी को होने वाले दीक्षांत समारोह में छात्रों को दी जाएंगी। 70 फीसदी से कम अंक वाले छात्रों की डिग्री अलग से कॉलेजों को उपलब्ध कराते हुए छात्रों को दी जाएंगी।