उत्तर प्रदेश के इंजीनियरिंग कॉलेजों में सीटें समय पर भर सकें, इसके लिए उत्तर प्रदेश राज्य प्रवेश परीक्षा (यूपीएसईई) में ज्यादा से ज्यादा छात्रों को शामिल करना पहली प्राथमिकता होगी।
हालांकि ये एक बड़ी चुनौती है। ये बातें गौतमबुद्ध टेक्निकल यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. आरके खांडल ने शुक्रवार को अमर उजाला से खास बातचीत में कहीं।
प्रदेश की तकनीकी शिक्षा का भविष्य अब डॉ. राकेश कुमार खांडल की योजनाओं पर निर्भर करेगा, क्योंकि प्रो. एसके काक के रिटायरमेंट के बाद प्रो. खांडल को एमटीयू कुलपति का कार्यभार भी सौंपा गया है।
एमटीयू और जीबीटीयू की भविष्य की चुनौतियों पर अमर उजाला से खास बातचीत में कुलपति खांडल ने कहा कि दोनों यूनिवर्सिटी से जुड़े कॉलेजों की सभी सीटों पर समय से दाखिले हो सकें, ये सबसे बड़ी चुनौती है।
यूपीएसईई के माध्यम से प्रदेश भर के कॉलेजों में सीटों के अनुपात में बेहद कम दाखिले होना भी चिंताजनक है। इस समस्या से निपटने के लिए जरूरी है कि यूपीएसईई में ज्यादा से ज्यादा छात्र भाग लें।
दूसरी ओर, शिक्षा की गुणवत्ता के स्तर को बढ़ाना भी प्रमुख लक्ष्य रहेगा। ताकि छात्रों को बेहतर माहौल में अच्छी शिक्षा मिल सके। साथ ही प्रदेश के तकनीकी संस्थानों पर लोगों का भरोसा बढ़े।
इसके लिए कोर्स, औद्योगिक व अकादमिक गठजोड़ और प्रचार आदि का सहारा लिया जाएगा। इसके साथ ही डॉ. खांडल ने कहा कि दोनों यूनिवर्सिटी के विलय होकर यूपीटीयू बनने के बाद छात्रों और कालेजों को कोई परेशानी न हो इसका भी ध्यान रखना है।
छात्रों और कॉलेजों की समस्याओं से निपटने के लिए समान कोर्स रखने की कोशिश की जाएगी। साथ ही समस्याओं के निपटारे के लिए एक मंच मुहैया कराया जाएगा।