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अपंजीकृत एग्रीमेंट पर लोन वाले फंसेंगे

Mon, 24 Feb 2014 07:43 AM IST
अरविंद सिंह/अमर उजाला, नोएडा
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अगर आपने बिल्डर से फ्लैट के एग्रीमेंट को पंजीकृत कराए बिना बैंक से कर्ज लिया है तो अब मुश्किल बढ़ सकती है। रजिस्ट्री विभाग ने बैंकों से ऐसे फ्लैट खरीदारों का विवरण मांगा है।
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उसके आधार पर स्टांप मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी है। दरअसल, फ्लैट खरीदने के लिए बुकिंग कराते समय खरीदार व बिल्डर के बीच एक एग्रीमेंट होता है। यह एग्रीमेंट सौ रुपये के स्टांप पेपर पर लिखा जाता है।

यह रजिस्टर्ड नहीं होता। बिल्डर से मिले आवंटन पत्र, अपंजीकृत एग्रीमेंट और फ्लैट खरीदार के अन्य दस्तावेजों को लेकर बैंक फ्लैट के लिए लोन जारी कर देता है।
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रजिस्ट्री विभाग को इसी अपंजीकृत एग्रीमेंट पर लोन जारी करने पर आपत्ति है। विभाग का कहना है कि बैंक सिर्फ उसी एग्रीमेंट पर लोन दें जो रजिस्ट्री विभाग में पंजीकृत हों। इससे विभाग को दो फीसदी स्टांप शुल्क मिलेगा।

साथ ही रजिस्टर्ड एग्रीमेंट होने से बिल्डर भी कोई गड़बड़ी नहीं कर सकेगा। बता दें, कि एग्रीमेंट को पंजीकृत कराने पर दो फीसदी स्टांप शुल्क का प्रावधान है।

रजिस्ट्री विभाग ने लीड ब्रांच मैनेजर को पत्र लिखा है, जिसमें सभी बैंकों से अपंजीकृत एग्रीमेंट पर जारी किए गए लोन का विवरण मांगा है। इस मसले को लेकर विभाग के अधिकारियों की जिलाधिकारी व आयुक्त के साथ बैठक हो चुकी है।

सोमवार को लीड ब्रांच मैनेजर के साथ बैठक भी प्रस्तावित है। अगर निर्णय हो गया तो उन हजारों फ्लैट खरीदारों की परेशानी बढ़ सकती है, जिन्होंने सौ रुपये के स्टांप पेपर लगाकर लोन ले रखा है।

विभाग उनको नोटिस जारी कर कार्रवाई करने की तैयारी में है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद व आसपास के शहरों में ज्यादातर खरीदार बैंक से लोन लेकर ही फ्लैट खरीदते हैं। उनके लिए एक और प्रक्रिया बढ़ जाएगी।
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