उत्तर प्रदेश टेक्निकल यूनिवर्सिटी (यूपीटीयू) चुनिंदा इंजीनियरिंग कॉलेजों में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाएगी। इसके लिए पहले सरकारी कॉलेज और बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले निजी कॉलेजों को चुना जाएगा।
इसकी रूपरेखा तैयार कर ली गई है। साथ ही यूपीटीयू अगले सेशन से पोस्ट ग्रेजुएट के कैंपस कोर्स भी शुरू करने जा रही है। यूनिवर्सिटी ने इन कोर्सेज को रेजिडेंशियल कोर्स के रूप में संचालित करने की भी योजना तैयार कर ली है।
दरअसल, गौतमबुद्ध और महामाया टेक्निकल यूनिवर्सिटी (जीबीटीयू-एमटीयू) के विलय के बाद बनाई गई यूपीटीयू ने शनिवार से अपना कामकाज शुरू कर दिया है।
यूपीटीयू के वीसी डॉ. आरके खांडल ने शनिवार को नोएडा कैंपस का दौरा करते हुए औपचारिक बैठक ली। उन्होंने बताया कि दो यूनिवर्सिटी के बीच जो कामकाज था पहले उसे एक किया जाएगा।
उसके बाद यूपीटीयू दिसंबर में होने वाली विषम सेमेस्टर परीक्षाओं का आयोजन यूनिवर्सिटी की पहली प्राथमिकता है। इसके लिए 7 नवंबर को बैठक बुलाई गई है, जिसमें इन परीक्षाओं के आयोजन पर निर्णय लिया जाएगा।
सेक्टर-62 स्थित यूपीटीयू नोएडा ऑफिस को दूसरे कैंपस की तरह चलाने के लिए दिवाली बाद अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी।
परीक्षाओं पर 7 को बैठक
सत्र 2013-14 की दिसंबर में होने वाली विषम सेमेस्टर परीक्षाओं के आयोजन के लिए 7 नवंबर को बैठक बुलाई गई है। एमटीयू और जीबीटीयू में जिन छात्रों का नामांकन है उनके डाटा को मर्ज करने और परीक्षा विभाग के कामकाज को यूपीटीयू के नियंत्रण में लेने के लिए बैठक में निर्णय होगा।
अधिकारियों का कामकाज होगा तय
यूपीटीयू बनने के बाद एमटीयू अधिकारियों के कामकाज का निर्धारण दिवाली की छुट्टियों के बाद किया जाएगा। एमटीयू कर्मचारियों पर अभी निर्णय लिया जाना है। उम्मीद है कि अगली बैठक में शासन की ओर से सभी तरह की स्थिति स्पष्ट कर दी जाएगी।