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हार्ट अटैक के ज्यादातर शिकार आईटी व बीपीओ सेक्टर के

Sun, 29 Sep 2013 01:42 AM IST
अमर उजाला, नोएडा
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तनाव, असंयमित दिनचर्या और खान-पान के कारण दिल्ली-एनसीआर में बड़ी संख्या में सॉफ्टवेयर इंजीनियर और डेवलपर दिल की बीमारी के शिकार बन रहे हैं।
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अस्पतालों में हार्ट अटैक से संबंधित आने वाले युवाओं में करीब 65 से 70 फीसदी आईटी और बीपीओ इंडस्ट्री से जुड़े हैं। यह कहना है नोएडा के सेक्टर-62 स्थित फोर्टिस अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. संजय मित्तल का।

आईटी, बीपीओ और सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री का हब बन चुके नोएडा में दिन-रात काम, समय पर भोजन न करना और शारीरिक श्रम न करने से युवा साफ्टवेयर इंजीनियरों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है।
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डॉ. संजय के अनुसार अस्पताल में आने वाले मरीजों में जहां 15 से 20 फीसदी 25 वर्ष से 35 वर्ष के युवा हैं, वहीं इन युवाओं में 65 से 70 फीसदी तक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं।

अस्पताल के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. निशित चंद्रा के अनुसार वृद्धावस्था में दिल के मरीजों की धमनियां युवाओं की अपेक्षा सिकुड़ी होती हैं और मामूली ब्लॉकेज के लिए उनकी धमनियां अभ्यस्त हो चुकी होती हैं।
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जबकि युवाओं में मुख्य धमनियों में कम ब्लॉकेज होने पर भी दिल को जहां कम आक्सीजन मिलती है तो उन्हें हार्ट अटैक पड़ जाता है।

वहीं, युवाओं की धमनियां ज्यादा सख्त होती हैं और हार्ट अटैक आने पर वृद्धों की अपेक्षा उन्हें अधिक दिक्कत झेलनी पड़ती है।

दो से पांच फीसदी बच्चों को दिल की बीमारी
दो से पांच फीसदी तक नवजात भी दिल की बीमारी के शिकार हो रहे हैं। डॉ. चंद्रा के अनुसार इनमें दिल में छेद और ब्लू बेबी सिंड्रोम (रक्त धमनियों का गलत जुड़ना) के कारण नवजात दिल की बीमारी से ग्रस्त हो रहे हैं।

दिल के दौरे की पहचान
ज्यादातर दौरे तड़के पड़ते हैं
सांस रुकने के साथ छाती में भारीपन
छाती के बीच जकड़, कुछ लोगों को भयंकर दर्द होता है
घबराहट, अत्यधिक पसीने आने के साथ दर्द का अनुभव
मधुमेह पीड़ितों को ज्यादा खतरा होता है

दौरा पड़ने पर क्या करें
बिना समय गंवाए अपनी परेशानी किसी को बता दें
आधे गिलास पानी में एक एस्प्रिन की गोली घोल कर पी लें
डॉक्टर से जल्द से जल्द संपर्क करें

कैसे करें देखभाल
फाइबर, विटामिन ई, विटामिन सी से भरपूर और कम प्रोटीन वाला आहार लें
बादाम, काले या भूरे राजमा, अखरोट, गाजर, पालक, संतरा, पपीता, अंकुरित अनाज, अनार, बैगनी अंगूर, जामुन, किवी आदि को दिल के लिए श्रेष्ठ आहार माना जाता है।
सूरजमुखी या जैतून के तेल का उपयोग करें।
मक्खन, घी और वनस्पति घी से परहेज करें।
मांसाहार के बजाय शाकाहार का प्रयोग करें।
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