नोएडा के सरकारी विभागों में हड़ताल के चलते कामकाज पूरी तरह से ठप है। मौजूदा समय में लोग धक्के खा रहे हैं और जब भी हड़ताल खत्म होगी तो बाबुओं के नखरे भी खूब देखने को मिलेंगे।
कमरतोड़ महंगाई के कारण पहले से ही व्यापारी, उद्यमी, कारोबारी और आम लोग कराह रहे हैं, ऊपर से प्रदेश सरकार और कर्मचारियों के बीच फंस चुकी लड़ाई का खामियाजा भी भुगत रहे हैं।
लोग यह भी कहने लगे हैं कि सरकार ने अगर कुछ न किया तो सड़कों पर उतरने को मजबूर होना पड़ेगा। सरकारी कर्मचारियों की हड़ताल पांचवें दिन भी जारी रही।
पहले दो दिन अनभिज्ञता के कारण जहां बड़ी संख्या में लोग अपना काम कराने पहुंचे थे। वहीं, शनिवार को हड़ताल की जानकारी लोगों को मिलने पर केवल पांच फीसदी लोग ही पहुंचे।
हालांकि, इन्हें भी विभागों से निराश लौटना पड़ा। राज्य कर्मचारी महासंघ और राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के साझा मंच राज्य कर्मचारी अधिकार मंच उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल का असर परिवहन विभाग, रजिस्ट्री कार्यालय, श्रम विभाग, कलेक्ट्रेट, मनोरंजन कर और बेसिक शिक्षा आदि विभागों में रहा।
एआरटीओ, परिवहन विभाग, रचना यदुवंशी ने बताया कि कार्यालय में पांच दिन से कामकाज रुका पड़ा है। पिछले चार दिनों में विभाग को करीब ढाई करोड़ का नुकसान हुआ।
दूर के गांवों और हड़ताल के बारे में अनभिज्ञ लोग अभी भी कार्यालय आ रहे हैं। हालांकि, इनकी संख्या पहले से कम है।
सोमवार को और जुड़ेंगे विभाग
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के सचिव सुनील दत्त ने बताया कि सोमवार को हड़ताल में कई अन्य विभाग भी शामिल हो सकते हैं। इसमें आवश्यक सेवा के भी विभाग शामिल हैं।
प्रशासन रखेगा पूरा इंतजाम
एसडीएम दादरी राजेश यादव ने बताया कि सोमवार को आवश्यक सेवा विभागों के हड़ताल पर जाने की सूचना नहीं है। अगर कोई विभाग ऐसा करता है जिससे आम लोगों को दिक्कत हो सकती है तो प्रशासन इससे निपटने के इंतजाम रखेगा।
रोडवेज-स्वास्थ्य सेवाओं पर असर
जिले में करीब 240 बसें हैं। इसमें नोएडा में 161 और ग्रेनो में 79 बसें संचालित हैं। सोमवार से अगर रोडवेज कर्मी हड़ताल पर जाते हैं तो परिचालन पर असर पड़ सकता है। बड़ी संख्या में कर्मी संविदा पर हैं जो कार्यरत रहेंगे। हालांकि, नोएडा के एआरएम एके जौहरी और ग्रेनो के एआरएम एसके वर्मा ने बताया कि अभी तक उनको हड़ताल के बारे में कोई सूचना नहीं मिली है।
सबसे ज्यादा प्रभावित व्यापारी
वाणिज्य कर विभाग में कर्मचारियों ने उपस्थिति रजिस्टर पर भी साइन नहीं किया। विभाग में ई-सर्विस के लिए रजिस्ट्रेशन कराने आ रहे व्यापारियों का काम नहीं हो पा रहा है। साथ ही उनको टीन नंबर, माल लाने व ले जाने के लिए फॉर्म-38 भी नहीं मिल पा रहा है। वहीं, व्यापारियों का रिटर्न भी दाखिल नहीं हो पा रहा है। इसके अलावा डाक रसीद भी जमा नहीं हो पा रही है।