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महिला मरीज की मौत पर हंगामा

Fri, 18 Oct 2013 01:22 AM IST
अमर उजाला, नोएडा
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नोएडा में एक बार फिर ईएसआई अस्पताल प्रशासन मरीज के इलाज में लापरवाही और रेफर न करने के आरोप के कटघरे में है।
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बृहस्पतिवार सुबह महिला मरीज की मौत से नाराज परिजनों ने डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ पर उपचार में कोताही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।

आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और मुआवजे की मांग पर अड़े परिजन करीब 14 घंटे बाद शव को अपने साथ लेकर गए।

मूलरूप से मुजफ्फरपुर, बिहार, निवासी वीणा देवी (30) अपने पति दिनेश राय और तीन बच्चों दीपा, विद्या और शिवम के साथ हरौला में किराए के मकान में रहती थी।

दिनेश ने बताया कि 12 अक्तूबर को पेट में जलन की शिकायत को लेकर मेडिसिन वार्ड में वीणा को भर्ती कराया गया था। बेड न मिलने पर उसे जमीन पर ही चादर पर लिटा दिया था।

बुधवार शाम तबियत बिगड़ने पर उन्होंने नर्स से वीणा को देखने के लिए कहा लेकिन उसने यह कहते हुए भगा दिया कि तुम लोग मरीज को भर्ती कर देते हो और फिर परेशान करते हो।
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डॉक्टर से विनती की लेकिन उसने भी डांट कर भगा दिया। बृहस्पतिवार सुबह बताया गया कि वीणा की मौत हो गई है।

अस्पताल के कार्यवाहक चिकित्सा निदेशक डॉ. सुनील देशपांडे ने बताया कि बुधवार देर रात मरीज की मौत हो गई थी।

वह दिल की बीमारी से पीड़ित थी और उसकी हालत गंभीर थी। परिजन मुआवजे की मांग पर अड़े थे और दोपहर करीब दो बजे के बाद शव लेकर गए।

मम्मी को जगाओ
अस्पताल के फ्लोर संख्या छह पर पिता के साथ तीनों मासूम रो रहे थे। उन्हें देखकर हर किसी की आंख नम हो उठी। 12 साल की दीपा, सात वर्षीय विद्या और छह साल का शिवम बस यहीं कह रहे थे मम्मी को जगाओ।
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इससे पहले भी लगा है आरोप
नौ जुलाई को 53 वर्षीय चिपियाना गांव निवासी सुमंतबाला की मौत हो गई थी। सुमंत लिवर की बीमारी और टीबी से पीड़ित थे। परिजनों ने इलाज में लापरवाही और वक्त पर रेफर नहीं करने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था।
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