नोएडा में पहली बार बिजली का सेक्टरवार मास्टर प्लान तैयार होगा। दो दिन पहले सेक्टर एक से यह काम शुरू हो चुका है।
इस डाटा से बिजली की वास्तविक स्थिति का पता चल सकेगा। इसी से इनफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार होगा।
शहर को 2015-16, मास्टर प्लान 2021 व 2031 में कुल कितनी बिजली की जरूरत होगी, इसका अनुमानित आंकड़ा तो प्राधिकरण के पास है, मगर सेक्टरवार कितनी बिजली की खपत है और भविष्य में क्या होगी, इसका सटीक डाटा प्राधिकरण के पास नहीं हैं।
इसका नुकसान यह होता है कि समय रहते सेक्टरों में संसाधन तैयार नहीं हो पाते। समस्या शुरू होने के बाद उसका हल निकाला जाता है।
संसाधन को विकसित करने में जितना समय लगता है, तब तक लोगों को बिजली संकट झेलना पड़ता है। पुराने सेक्टरों में नए बिजलीघर तब बनते हैं, जब ओवरलोडिंग की समस्या शुरू हो जाती है, ट्रांसफॉर्मर व लाइनें भी तभी बदली जाती है।
इस समस्या को देखते हुए प्राधिकरण अब सेक्टरवार बिजली की जरूरत का डाटा तैयार करवा रहा है। इस काम के लिए सरकारी एजेंसी वापकोष को सलाहकार बनाया गया है।
विद्युत निगम और नोएडा प्राधिकरण के इंजीनियर के साथ मिलकर यह एजेंसी डाटा तैयार करेगी। इसकी शुरुआत सेक्टर एक से हो चुकी है।
एक सेक्टर में कितना लोड स्वीकृत है। उसके सापेक्ष कितनी बिजली दी जा रही है। कितना बिजली का बिल जमा हो रहा है।
आदि तथ्यों के आधार पर डाटा तैयार होगा। प्राधिकरण के विद्युत यांत्रिकी खंड के इंजीनियरों का दावा है कि यह बिजली की जरूरत के लिए अब तक का सबसे सटीक मास्टर प्लान होगा।
इसमें मौजूदा स्थिति के अलावा 2021 व 2031 तक का विवरण होगा। इसके आधार पर भविष्य की जरूरत को ध्यान में रखते हुए इनफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा सकेगा।
इससे दिक्कत नहीं होगी। इस डाटा को तैयार करने में एक साल से अधिक वक्त लगने का अनुमान है।
नोएडा में बिजली से जुडे़ कुछ तथ्य
- बिजली की मौजूदा जरूरत-950 मेगावाट
- वर्तमान में कुल विद्युत आपूर्ति 850 मेगावाट
- 2021 में कुल जरूरत करीब 2200 मेगावाट
- 2031 में कुल जरूरत करीब 3000 मेगावाट
प्रस्तावित बिजलीघरों की स्थिति
- यमुना एक्सप्रेसवे पर 765 केवी
- सेक्टर 148 व 123 में 400 केवी के दो
- 33 केवी के मौजूदा बिजलीघर 53 हैं
- 33 केवी के सात बिजलीघर निर्माणाधीन
- 33 केवी के 13 बिजलीघर टेंडर प्रक्रिया में
बिजली की अलग कंपनी बनाने का प्रस्ताव
नोएडा। नोएडा में बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्राधिकरण नई कंपनी बनाने पर काम कर रहा है। इस प्रस्ताव को चेयरमैन रमा रमण पहले ही शासन केपास भेज चुके हैं।
भविष्य में यही कंपनी नोएडा की जरूरत के मुताबिक बिजली खरीदेगी और सप्लाई करवाएगी। सप्लाई का जिम्मा यूपीपीसीएल पर रहेगा या किसी और पर, यह तय नहीं है।