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रोजगार मेले से मायूस होकर लौटे

Thu, 31 Oct 2013 01:41 AM IST
महेश केजरीवाल/नोएडा
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ग्रेटर नोएडा के पहले मंडलीय रोजगार मेले में गौतमबुद्ध नगर, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़ और बुलंदशहर से आईं 22 कंपनियों की सबसे ज्यादा मांग हेल्पर, लोडर और पैकेजर की थी।
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नौकरी और अच्छे भविष्य की तलाश में आए आईटीआई और पोस्ट ग्रेजुएट से लेकर एमबीए, बीटेक, एमटेक पास आवेदकों की परेशानी तब और ज्यादा बढ़ गई जब जानी मानी कंपनियों ने उन्हें न्यूनतम सैलरी ऑफर के साथ दो से तीन साल तक ट्रेनिंग करने की बात कही।

रोजगार मेले में अच्छी नौकरी व भविष्य का सपने संजोये सूटबूट में पहुंचे कई आवेदक उस समय निराश हो गए जब ज्यादातर कंपनियों ने उनके सामने हेल्पर, लोडर और पैकेजर की मांग रखी।
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वेतन भी 5200 से 5500 रुपये। नतीजतन कई आवेदकों ने तो इंटरव्यू में ही नौकरी करने से मना कर दिया। मेरठ से आए बीटेक पास पियूष गौतम ने बताया कि टेक्निकल डिग्री धारी व अनुभवी आवेदकों को वेतन भी सम्मान जनक मिलना चाहिए।

आईटीआई (इलेक्ट्रॉनिक्स) पास अमित कुमार ने नाराजगी जताते हुए कहा कि चार से पांच हजार में तो लेबर क्लास भी गुजर-बसर नहीं कर सकती। हम तो पढ़े लिखे हैं।

गाजियाबाद के जिला रोजगार अधिकारी शशिभूषण उपाध्याय ने कहा कि चयनित आवेदकों को ऐसी कंपनियां पहले दो से तीन वर्ष तक ट्रेनिंग पर रखती है।

जिस कारण इनका वेतनमान भी 5200 से 5500 रुपये होता है। मेले में आने वाले करीब 1700 आवेदकों में से ज्यादातर आवेदक आईटीआई, पॉलिटेक्निक के अलावा बीटेक, एमटेक से लेकर एमबीए, एमएससी तक थे।

मेले में एलआईसी, टोकियो लाइफ इंश्योरेंस, मारुति सुजुकी, मोजेर वियर, स्पेयर पार्ट्स बनाने वाले कंपनी के अलावा, प्लास्टिक, मेडिसिन, कोका कोला, हमदर्द, घड़ी डिटरजेंट, गारमेंट्स एक्सपोर्ट जैसी कंपनी मौजूद थी।

मंडलीय रोजगार मेले में मेरठ मंडल के गौतमबुद्ध नगर, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़ और बुलंदशहर जिले से रोजगार के लिए करीब तीन हजार आवेदकों ने रजिस्ट्रेशन कराया था लेकिन बुधवार को मेले में करीब 1700 आवेदक ही जुटे।
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