नोएडा में आईआईएम का कॉमन एडमिशन टेस्ट (कैट) बुधवार से शुरू हो गया। पहले दिन की पहली ही शिफ्ट के पेपर ने कैट का असली मतलब समझा दिया।
क्वांट के सवालों ने छात्रों को उलझाया। दो सेक्शन में बंटा पेपर ओवरऑल पिछले साल की तरह थोड़ा मुश्किल रहा। क्वांटिटेटिव एबेलिटी-डाटा इंटरप्रीटेशन (क्यूए-डीआई) का सेक्शन, वर्बल एबेलिटी-लॉजिकल रीजनिंग (वीए-एलआर) के मुकाबले भारी पड़ा।
वीए-एलआर के सवाल आसान थे लेकिन इन्हें हल करने में छात्रों को समय लगा। पहला दिन बिना किसी तकनीकी खराबी के शांतिपूर्ण रहा।
इस साल कैट की शुरुआत पिछली बार के मुकाबले तेज रही। कैट-2012 में नोएडा के सेंटर पर पहले दिन सिर्फ 19 छात्रों ने परीक्षा दी थी जबकि इस बार पहली शिफ्ट में 66 और दूसरी में 44 समेत कुल 110 छात्र शामिल हुए।
देश भर में लगभग 4200 छात्रों ने परीक्षा दी। सेक्टर-62 स्थित जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट में बने कैट सेंटर के बाहर छात्र संतुष्ट नजर आए।
नॉन डिस्क्लोजर एग्रीमेंट (एनडीए) के चलते छात्रों ने ज्यादा बातचीत नहीं की लेकिन इतना जरूर बताया कि पेपर औसत से थोड़ा मुश्किल रहा। पिछले साल के मुकाबले कोई बदलाव देखने को नहीं मिला है।
टाइम इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर उल्लास वैरागकर ने बताया कि कैट की शुरुआत बिना किसी बदलाव, बिना किसी सरप्राइज के साथ हुई है। जैसी उम्मीद थी पेपर वैसा ही रहा।
सब कुछ पिछले साल जैसा है। छात्रों की ओर से अच्छी प्रतिक्रियाएं मिली हैं। कठिनाई स्तर भी कैट-2012 जैसा ही था। दरअसल, 20 दिवसीय कैट 11 नवंबर तक चलेगा, जिसके स्कोर पर 13 आईआईएम की 3335 सीटों पर दाखिला होगा।