उत्तर प्रदेश में बीएड कॉलेजों के प्रति छात्रों की शिकायतों को देखते हुए शासन ने राज्य विश्वविद्यालयों को सख्त निर्देश दिए हैं।
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की शिक्षा के व्यावसायीकरण संबंधी समिति की बैठक के आधार पर यूनिवर्सिटियों को बीएड कॉलेजों में ली जाने वाली अतिरिक्त फीस और शिक्षकों की नियुक्ति से जुड़ी गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
उच्च शिक्षा, प्रमुख सचिव, नीरज कुमार गुप्ता ने सभी राज्य विश्वविद्यालयों को निर्देश दिए हैं कि अपने बीएड कॉलेजों में शासन की ओर से निर्धारित फीस ही लें।
निर्धारित मानकों के अनुसार योग्य शिक्षकों की नियुक्ति की जाए। बीएड शिक्षा की गुणवत्ता के लिए सुधारात्मक कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए हैं। इसके लिए विवि को जरूरी कदम उठाने होंगे।
दरअसल, बीएड कॉलेजों में अतिरिक्त फीस वसूली, बिना उपस्थिति परीक्षाएं देने, एडमिट कार्ड और परीक्षा फॉर्म भरने के नाम पर पैसे वसूलने के सबसे ज्यादा मामले हैं।
चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी (सीसीएसयू) से जुड़े नोएडा-ग्रेनो के कॉलेजों से भी ये शिकायतें आती रही हैं। इस पर सिर्फ औपचारिक कार्रवाई ही हुई हैं। अब विवि को इस संबंध में जरूरी कदम उठाते हुए समिति को इसकी जानकारी देनी है।
शिक्षकों का ब्योरा मांगा
सुप्रीम कोर्ट के एक केस के मामले में सीसीएसयू ने सेल्फ फाइनेंस कॉलेज/संस्थानों में कार्यरत प्राचार्य और शिक्षकों का ब्योरा मांगा है।
अगले तीन दिनों के भीतर संस्थानों को इसकी जानकारी देनी है। पिछले लंबे समय से संस्थान ये जानकारी देने से बच रहे हैं।