नोएडा। औद्योगिक इकाइयों को बिजली कटौती से फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है। दिनभर में चार घंटे की कटौती से उत्पादन से लेकर लागत पर असर पड़ रहा है। वहीं, विद्युत निगम की ओर से कोई ठोस जवाब नहीं दिया जा रहा है। पिछले दस दिन से शहर की औद्योगिक इकाइयों में रात की कटौती जारी है। इसके साथ दिन में भी बिजली की आवाजाही बनी रहती है। कभी घोषित और कभी अघोषित कटौती से औद्योगिक इकाइयों में तमाम समस्याएं खड़ी हो रही हैं। कटौती के दौरान लंबे समय तक जनरेटर चलने से डीजल की खपत और प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। वहीं, दूसरी तरफ उत्पादन की क्षमता कम हो रही है, जबकि उत्पादन की लागत पर असर आ रहा है। उद्यमी संगठन लगातार बिजली विभाग से कटौती समाप्त करने की मांग उठा रहे हैं, लेकिन कोई ठोस जवाब नहीं मिल रहा है। औद्योगिक इकाइयों में रात दस से सुबह दो बजे तक की कटौती के साथ सोमवार को दिन में 11 बजे से चार बजे के बीच कई बार बिजली की आवाजाही होती रही। हालांकि, लॉक बुक की बात करें तो यहां पर सिर्फ इमरजेंसी कटौती का डाटा दर्ज हो रहा है। इस संबंध में विद्युत निगम के अधिकारी टिप्पणी करने से बच रहे हैं।
आवासीय क्षेत्र में अघोषित कटौती
सोमवार को आवासीय क्षेत्र में इमरजेंसी कटौती नहीं की गई। हालांकि, अघोषित कटौती की मार जरूर झेलनी पड़ी है। सेक्टर 12, 22, 55, 56, 11, 33, 34, 35, 26, 19, 20, 27 सहित 29 व 30 में बिजली कटौती की मार पड़ी। सुबह नौ बजे, फिर 12.30 बजे और शाम को साढ़े चार बजे आधे घंटे से एक घंटे की बिजली कटौती आवासीय सेक्टरों में हुई। शहर के बीच में पड़ने वाले अधिकांश गांव कटौती की जद में हैं और दो से चार घंटे की कटौती की जा रही है।