दुर्गा शक्ति मामला
नोएडा। धार्मिक स्थल की दीवार गिराने का विवाद और खनन मामले पर प्रदेश सरकार द्वारा कमेटी गठन की घोषणा फिलहाल खटाई में पड़ गई है। इसका कारण बिजेंद्र भाटी को माना जा रहा है। दुर्गा शक्ति नागपाल निलंबन विवाद को हवा देने में गौतमबुद्ध नगर लोकसभा क्षेत्र से सपा के घोषित प्रत्याशी नरेंद्र भाटी विवादों में हैं और बिजेंद्र उनके छोटे भाई हैं। गौरतलब है कि पिछले सप्ताह सदर की एसडीएम दुर्गा को शासन ने निलंबित कर दिया था। हालांकि शासन ने सफाई दी थी कि निलंबन का कारण कादलपुर गांव में एक धर्म स्थल की दीवार गिराना था, लेकिन लोगों को यह बात हजम नहीं हुई। उनका कहना था कि निलंबन का मामला सीधे खनन माफियाओं से जुड़ा है। गौरतलब है कि दुर्गा ने पिछले कई महीनों से खनन माफियाओं के खिलाफ जबर्दस्त अभियान छेड़ रखा था।
निलंबन को लेकर प्रदेश सरकार चौतरफा घिरी हुई है। सच्चाई जानने को प्रदेश सरकार ने तीन अगस्त को जांच कमेटी बनाने की बात कही थी, जिसमें कमेटी के प्रमुख की जिम्मेदारी सपा जिलाध्यक्ष फकीरचंद्र नागर को सौंपी गई थी। साथ ही पिछले विधान सभा चुनाव में नोएडा से प्रत्याशी रहे सुनील चौधरी, दादरी से राजकुमार भाटी और जेवर विधान सभा से प्रत्याशी रहे बिजेंद्र भाटी को सदस्य बनाया गया था।
कमेटी के गठन की बात सामने आते ही सदस्य बिजेंद्र भाटी को लेकर विवाद शुरू हो गया था। क्योंकि खनन मामले में उनका नाम भी उछाला गया था। साथ ही वह नरेंद्र भाटी के छोटे भाई हैं। लोगों ने सवाल उठाए थे कि जिन पर खुद ही आरोप हैं, वह जांच में न्याय कैसे कर सकते हैं।