ग्रेटर नोएडा। पता नहीं ऐसा क्या है इस ‘इंजीनियरिंग’ की पढ़ाई में, कि साइंस स्ट्रीम से पास हर छात्र इसी के पीछे भागता है? भई भागे भी क्यों न, चार साल इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान दिमाग में चलने वाली कैल्कुलेशन, प्रोजेक्ट पूरा करने का प्रेशर, इंजीनियरिंग का इंटरेस्ट, हॉस्टल की मस्ती और फिर कुछ नई खोज करने का जज्बा, शायद यही है जो इन छात्रों को अपनी ओर खींचता है। ऐसे ही हाईटेक सिटी में सोमवार को कई होनहार छात्र-छात्राओं ने बिल गेट्स और अजीम प्रेमजी बनने की राह में पहला कदम बढ़ाया। नतीजतन ज्यादातर टॉपरों का अगला लक्ष्य बीटेक टॉप करना है।
केंद्रीय विद्यालय के अभिषेक प्रताप सिंह, डीपीएस एनटीपीसी के शोभित माथुर, प्रिया गोयल, शुभांगी नाथ, डीपीएस ग्रेनो के आयुष रोहतगी, श्रेया भारद्वाज, अर्चिता शर्मा, एस्टर पब्लिक के नितिन राजपूत, विपुल, रायन इंटरनेशनल स्कूल की अंजू शुक्ला, सिद्धार्थ कुमार, अक्षय वीर, काव्या गर्ग समेत अन्य स्कूलों के टॉपर्स का सपना आईआईटी जेईई क्रॉस कर इंजीनियर बनने का है।
शिक्षक-अभिभावक सफलता की वजह
शहर के सभी टॉपर्स ने अपनी सफलता का श्रेय शिक्षकों समेत माता-पिता को दिया। छात्र-छात्राओं का मानना है कि उनकी सफलता के पीछे मार्गदर्शन और जानकारी देने वाले शिक्षक और पूर्ण सहयोग व माहौल देने वाले अभिभावक शामिल रहे।
संगीत में रुचि है टॉपर्स की
विभिन्न शोधों के मुताबिक तेज दिमाग के लिए मस्तिष्क के दोनों हिस्से सक्रिय रहने चाहिए। बाएं हिस्से की सक्रियता बढ़ाने के लिए संगीत और दाहिने के लिए गणितीय और तार्किक प्रश्नों को हल करने का अभ्यास जरूरी है। शहर के टॉपर्स गणित-भौतिकी जैसे तार्किक विषयों में नियमित अभ्यास करने के साथ ही अपनी रुचि संगीत के लिए भी वक्त निकालते रहे।
प्रिंसिपल्स की जुबानी
रायन स्कूल की प्रिंसिपल सुधा सिंह ने बताया कि हर बच्चे पर ध्यान देने वाली शिक्षकों की रणनीति काफी कारगर रही। हर बच्चे के चेहरे पर खुशी ही उनकी उपलब्धि है।