नोएडा। भाभी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद परिजनों के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज हो गया। उसके खिलाफ भी मामला दर्ज हुआ, लेकिन जांच में वह घटना के दौरान बुलंदशहर से बाहर था। इसलिए पुलिस ने उसे क्लीन चिट दे दी पर उसके पूरे परिवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। परिवार अब भी जेल में है। परिवार को जेल से जमानत पर बाहर लाने के लिए रुपये की जरूरत थी। इसलिए वह मार्च माह में हुए फ्रांस की कंपनी केअधिकारी रथिन बसु के अपहरण की योजना में शामिल हो गया था। यह खुलासा गिरफ्तार अवधेश कुमार ने पुलिस की पूछताछ के दौरान किया।
अवधेश ने बताया कि बिजनेसमैन अखंड प्रताप का कार चालक नरेश की उसके गांव में रिश्तेदारी है। इसी केचलते उसकी मुलाकात हुई थी। उसने ही चंद दिनों में भारी रकम जुटाने का आइडिया देते हुए अपने साथ अपहरण की योजना में शामिल किया। उसने ही गांव के किसान दिनेश को भी शामिल किया। वह भी पैसों के लालच में फंस गया था। अखंड प्रताप व नरेश की गिरफ्तारी के भनक लगते ही भूमिगत हो गएा और बुलंदशहर में ही अपने रिश्तेदारों व दोस्तों के यहां शरण लेते रहे। मालूम हो कि मंगलवार को थाना सेक्टर-58 पुलिस व सर्विलांस सेल ने रथिन बसु अपहरणकांड में वांछित चल रहे बुलंदशहर निवासी अवधेश कुमार व दिनेश को गिरफ्तार किया था। उन पर 12-12 हजार रुपये का इनाम घोषित था। मार्च माह में फ्रांस की कंपनी के अधिकारी रथिन बसु को सेक्टर-63 स्थित उनकी कंपनी केपास से ही कार सवार बदमाशों ने कार समेत अपहरण कर लिया था। जिन्हें मेरठ के एक आलीशान कोठी में बंधक बना कर रखा गया था। इससे पहले कि बदमाश फिरौती वसूल पाते पुलिस ने गिरफ्तार कर उन्हें छुड़ा लिया था। इस पूरे अपहरणकांड का मास्टर माइंड बिजनेसमैन अखंड प्रताप था। जिसकी वह कोठी थी और सेक्टर-18 में कपड़ों का शोरूम है।