नोएडा। शनिवार की सुबह जीआईपी मॉल के गेट पर नीली बत्ती लगी स्कॉर्पियो से मजदूर के कुचलने के मामले में शक के दायर में आए यूपी के एक जिले में तैनात एसएसपी पर गाज गिर गई। शासन में मामले तूल पकड़ने के बाद उन पर यह कार्रवाई की गई है। उन्हें जिले से हटा दिया गया है। शासन ने मामले को गंभीरता से लिया है लेकिन नोएडा पुलिस इस मामले की जांच को विवेचनाओं की फाइल में ही दफन करने के मूड़ में दिखाई दे रही है। मामले की जांच कर रहे चौकी प्रभारी से लेकर आईपीएस अधिकारी की भूमिका की जांच करने वाले क्षेत्राधिकारी नगर (प्रथम) जांच जारी होने की बात कह रहे हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक नीली बत्ती कार में सवार आईपीएस अधिकारियों के होने के चलते इस प्रकरण की जांच में अब तक मॉल के फुटेज में दिख रही कार के नंबर के आधार पर भी जांच शुरू नहीं की गई है। वहीं दूसरी ओर इस प्रकरण से जुड़े आईपीएस अधिकारी के हटाए जाने की सूचना को पुख्ता करने के लिए बुधवार को दिन भर नोएडा पुलिस के अधिकारी शासन से लेकर मीडिया कर्मियों से जानकारी हासिल करने में लगे रहे। हटाए गए आईपीएस अधिकारी का अपने ही रेंज के डीआईजी व लखनऊ में भी एक बड़े पुलिस अधिकारी से विवाद सुर्खियों में था। लेकिन उनकी कार से एक मजदूर की मौत की सूचना के बाद शासन ने सख्ती दिखाई और मंगलवार देर रात उनका तबादला कर दिया गया। मालूम हो कि शनिवार की सुबह मॉल के गेट केपास एक मजदूर को नीली बत्ती लगी स्कॉर्पियो ने कुचल दिया था। कार मॉल के गेट से चंद सेकेंड पहले ही निकली थी। सीसीटीवी फुटेज में पता चला कि उस कार में दो आईपीएस अधिकारी सवार थे। जो कि मॉल के एक बार में पार्टी कर नीली बत्ती लगी स्कॉर्पियो कार से नशे में धुत होकर निकल रहे थे। इस जानकारी के बाद पुलिस हरकत में आई और आनन-फानन में अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज मीडिया को उपलब्ध न कराने की चेतावनी मॉल प्रबंधन को दे कर मामला रफा दफा करने में जुट गई थी।