नोएडा। निर्माण कार्यों के लिए भूजल दोहन पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल से लगी रोक बरकरार है। ट्रिब्युनल ने सभी पक्षों को दो सप्ताह का वक्त दिया है। सुनवाई के लिए अगली तिथि आठ फरवरी है।
भूजल दोहन पर पर्यावरणविद् विक्रांत तोंगड़ की बीते नवंबर माह में दायर याचिका पर बृहस्पतिवार को सुनवाई करते हुए जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली चार सदस्यीय पीठ ने भूजल दोहन पर रोक बरकरार रखने का निर्णय लिया और सभी पक्षकारों को रिपोर्ट फाइल करने को दो सप्ताह का वक्त दिया। सुनवाई में उपस्थित केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कहा कि भूजल दोहन के मामले में बोर्ड का कोई हस्तक्षेप नहीं है। इसलिए बोर्ड को इस मामले से बाहर रखा जाए। इस पर ट्रिब्युनल ने बोर्ड को इस संबंध में दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा। हालांकि सुनवाई में केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय और ईपीसीए के प्रतिनिधि नहीं पहुंच सके।
दरअसल, 20 हजार वर्गमीटर से अधिक एरिया पर निर्माण के लिए स्टेट एनवायरमेंट इंपेक्ट असिस्मेंट अथॉरिटी से क्लीयरेंस लेना जरूरी होता है, मगर यहां अधिकतर बिल्डर प्रोजेक्ट के निर्माण से पहले एनओसी नहीं ली गई है। इसी के बाद ट्रिब्युनल ने बीते 11 जनवरी से निर्माण कार्यों में भूजल दोहन पर रोक लगा रखी है। इसकी निगरानी का जिम्मा भी नोएडा व ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और केंद्रीय भूजल बोर्ड को सौंपा गया है।