नोएडा। नोएडा के ओखला पक्षी विहार में नए-नए मेहमानों का आना जारी है। शनिवार को पक्षी विहार में साइबेरिया से आने वाले करीब 100 ग्रे लेग गूज और 50 बार हेडेड गूज (हंस) दिखाई दिए। वहीं, यूरेशिया से आने वाली करीब 40 स्पून विल (चम्मच जैसी चोंच वाले पक्षी) दिखाई दिए हैं। कई सालों में दिखाई देने वाला गहरे हरे रंग का दुर्लभ व खूबसूरत पक्षी मलार्ड भी पक्षी विहार की शोभा बढ़ा रहा है। साइबेरिया, चीन, तिब्बत और भारत के उत्तरी क्षेत्र में स्थित पहाड़ियों में बर्फ पड़ना शुरू हो गई है। अधिक ठंड से बचने के लिए इन क्षेत्रों से पक्षियों ने उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों का रुख किया है।
दूर देश से आ रहे कई नए मेहमान पक्षियों का बसेरा ओखला पक्षी विहार बन रहा है। ओखला पक्षी विहार में कार्य कर रहे इकोलॉजिस्ट और पक्षी विशेषज्ञ टीके रॉय ने बताया कि कई नए पक्षियों ने भी नोएडा का रुख किया है। इनमें साइबेरिया प्रांत से यदा-कदा आने वाला मलार्ड (बतख) भी पक्षी विहार में दिखाई दिया है। यह गहरे हरे रंग की बतख है जो शोवलर बतख से भी बड़ी है। हालांकि, एक ही मलार्ड दिखाई दिया है। इसके अलावा करीब 40 बह्मिनी डक दिखाई पड़ी हैं। अनुमान है कि इस बार यह अच्छी संख्या में दिखाई पड़ेंगे।
उन्होंने बताया कि ठंडे स्थानों से आने वाले प्रवासी पक्षियों का ओखला पक्षी विहार में जमावड़ा लग रहा है। जैसे-जैसे सर्दी बढ़ेगी इनकी संख्या में इजाफा होता जाएगा। पिछली बार जहां मेहमान पक्षी नवंबर के पहले सप्ताह से आना शुरू हुए थे। वहीं, इस बार थोड़ी देरी से 15 नवंबर के बाद दिखाई देना शुरू हुए हैं। अभी तक मेहमान पक्षियों की संख्या दो से ढाई हजार के करीब बताई जा रही है। इस बार भी अनुमान है कि रिकार्ड तोड़ संख्या में पक्षी झील पर विचरण करते नजर आएंगे। आशा है कि यह आंकड़ा 35 हजार के पार भी जा सकता है।
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स्वच्छ पानी और भोजन की ओर आकर्षित होंगे पक्षी
सितंबर में यमुना में जबरदस्त पानी आया। जिसमें ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ी हुई है। झील का पानी भी साफ हो गया है। वहीं, झील में मछलियों की संख्या भी बढ़ना जारी है। रोहू, कतला, टिंगना और छोटे आकार की आक्सीगेस्टर बाकैला आदि भारी मात्रा में पाई जा रही हैं। यही कारण है कि प्रवासी पक्षी भारी तादात में नोएडा का रुख करेंगे।