ग्रेटर नोएडा। इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के चलते ग्रेनो के सीधे 30 हजार आवंटी प्रभावित हुए थे। जब तक कोर्ट का स्टे रहा, तब तक आवंटियों ने प्राधिकरण को किस्त नहीं दी थी। मास्टर प्लान पास होने के बाद प्राधिकरण ने स्टे के दौरान का समय जीरो पीरियड कर दिया था और दो माह का समय देकर कहा था कि पूरा पैसा बिना पेनाल्टी के जमा कर दें। लेकिन उसका बहुत बड़ा फायदा नहीं मिल सका। अब प्राधिकरण ने कहा है कि बिल्डरों समेत जिन आवंटियों ने पैसा जमा नहीं किया है, उनका जीरो पीरियड खत्म हो गया है और अब पेनाल्टी के साथ पैसा जमा करना होगा। ऐसे में करीब 24 हजार आवंटियों को जीरो पीरियड की छूट नहीं मिल पाएगी।
30 हजार आवंटी हुए थे प्रभावित
21 अक्तूबर 2011 को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ग्रेनो के 39 गांवों के किसानों की सुनवाई करते हुए फैसला दिया था कि किसानों को 64 फीसदी अतिरिक्त मुआवजा और 10 फीसदी जमीन दी जाए। साथ ही कहा था कि मास्टर प्लान 2021 जब तक एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से पास न हो जाए, तब तक सभी कार्य बंद रहेंगे। 24 अगस्त 2012 को एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने मास्टर प्लान पास कर दिया था। इस पूरे प्रकरण में ग्रेनो के बिल्डर समेत 30 हजार आवंटी प्रभावित हुए थे।
प्राधिकरण ने जारी किए थे नोटिस
ग्रेनो प्राधिकरण ने सभी 30 हजार आवंटियों से कहा था कि करीब आठ माह तक काम प्रभावित रहा है। लिहाजा इसे जीरो पीरियड माना जाएगा। इसलिए 23 अक्तूबर तक आवंटियों को समय दिया था कि वह बिना पेनाल्टी के बकाया पैसा प्राधिकरण में जमा कर दें। सबसे ज्यादा जोर ग्रेनो वेस्ट के 82 बिल्डरों पर था। उनसे करीब 1000 करोड़ रुपये आना था, लेकिन प्राधिकरण में बिल्डर ने 250 करोड़ रुपये ही जमा किया है। हालांकि व्यक्तिगत आवंटियों से करीब 300 करोड़ के आसपास आना है। वह धीरे-धीरे पैसा जमा कर रहे हैं। प्राधिकरण उनकी सूची तैयार कर रहा है।
फिर से जारी करेगा प्राधिकरण नोटिस
प्राधिकरण एसीईओ चंद्रकांत पांडे ने बताया कि दो माह पहले बिल्डरों समेत अन्य आवंटियों को जो नोटिस जारी किए गए थे, उनमें साफ कहा गया था कि 23 अक्तूबर तक पैसा जमा न किया तो जीरो पीरियड समाप्त माना जाएगा। इसके बाद जो भी पैसा जमा करने पर शुरू से ही पेनाल्टी जोड़ी जाएगी। अब नए सिरे से फिर आवंटियों को नोटिस जारी किए जाएंगे।