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दिल्ली ने पकड़ी रफ्तार, नोएडा को मंजूरी का इंतजार

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नोएडा। कालिंदी कुंज से जनकपुरी वेस्ट तक मेट्रो रेल विस्तार की परियोजना को दिल्ली ने रफ्तार दे दी है, लेकिन नोएडा को अब भी राज्य सरकार से मंजूरी का इंतजार है। तीसरे चरण के तहत दिल्ली ने एक कदम और आगे बढ़ाते हुए कालिंदी कुंज मेट्रो डिपो निर्माण की तैयारी शुरू कर दी है। नोएडा को लिंक देने के लिए ओखला बैराज पर मेट्रो ब्रिज बनाने का काम पहले ही शुरू हो चुका है।
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लाइन-8 के तहत कालिंदी कुंज से जनकपुरी वेस्ट तक दिल्ली की सरहद में मेट्रो विस्तार परियोजना को गति देते हुए दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने अब तक सात चरणों में निर्माण शुरू करने की तैयारी कर ली है। इस प्रक्रिया के पहले चरण में कालिंदी कुंज सेक्शन के अंतर्गत ओखला बैराज पर मेट्रो ब्रिज निर्माण मई में ही शुरू कर दिया गया था। इसके बाद कालकाजी से हौजखास और हौजखास से शंकर विहार तक भूमिगत मेट्रो के निर्माण की प्रक्रिया को रफ्तार दी गई। लाइन-8 पर मेट्रो लाने के लिए जनकपुरी वेस्ट से पालम तक भूमिगत मेट्रो के लिए सुरंग तैयार करने के साथ-साथ स्टेशनों के निर्माण को निविदा मांगी गई है। तीसरे चरण के तहत पहले मेट्रो डिपो के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह नोएडा की सरहद पर पड़ने वाले कालिंदी कुंज पर बनाया जाएगा। इसके निर्माण पर अनुमानित खर्च 90 करोड़ है। 22 महीने के अंदर यानी अगस्त 2014 तक इसका निर्माण पूरा कर लिया जाएगा। इसकी निविदा आमंत्रण सूचना (एनआईटी) रविवार को जारी कर दी गई। यह रूट जनता के लिए 2016 से चालू करने का लक्ष्य है।

नोएडा में कहां अटकी योजना
नोएडा प्राधिकरण से 3.962 किलोमीटर लंबी कालिंदी कुंज-बोटेनिकल मेट्रो परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद बोर्ड बैठक में भी इसे मंजूरी मिल चुकी है। मेट्रो विस्तार की योजना का प्रस्ताव राज्य सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजा गया है। केबिनेट की मंजूरी के बाद एमओयू (मैमोरेंडम ऑफ अंडरस्टेंडिंग) पर हस्ताक्षर होंगे और 874 करोड़ की इस परियोजना के लिए फंड जारी होगा।
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नोएडा से एमओयू का इंतजार
डीएमआरसी ने बोटेनिकल गार्डन से कालिंदी कुंज तक मेट्रो विस्तार का पूरा खाका तैयार किया हुआ है। नोएडा सेक्शन को प्राधिकरण बोर्ड से मंजूरी मिल चुकी है। अब केवल एमओयू का इंतजार है।
- संध्या शर्मा, प्रवक्ता-डीएमआरसी



सबसे महंगी सुरंग लाइन-8 पर
तीसरे चरण में सबसे लंबी भूमिगत मेट्रो लाइन बोटेनिकल गार्डन-जनकपुरी वेस्ट (लाइन-8) पर होगी। इस लाइन के तहत अब तक की सबसे महंगी सुरंग शंकर विहार से हौजखास के बीच बनाई जाएगी। जिसके निर्माण की अनुमानित लाइग 1435 करोड़ रुपये तय की गई है।
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परियोजना को ऐसे मिली रफ्तार
पहला चरण:- ओखला बैराज पर नोएडा को लिंक देने के लिए मेट्रो ब्रिज का निर्माण कार्य शुरू।
अनुमानित लागत:- 40 करोड़
कार्य अवधि:- अक्तूबर-2014
दूसरा चरण्र:- हौजखास से कालका जी तक सुरंग के डिजाइन व कंस्ट्रक्शन के लिए निविदा जारी।
अनुमानित लागत :- 1310 करोड़
कार्य अवधि :- नवंबर-2015
तीसरा चरण :- शंकर विहार से हौजखास तक सुरंग के डिजाइन व कंस्ट्रक्शन के लिए निविदा जारी।
अनुमानित लागत :- 1435 करोड़
कार्य अवधि :- दिसंबर-2015
चौथा चरण :-सदर बाजार से शंकर विहार एलीवेटेड वायडक्ट व मेट्रो स्टेशनों की निविदा जारी।
अनुमानित लागत :- 132 करोड़
कार्य अवधि :- अक्तूबर-2014
पांचवां चरण :- पालम व आईजीआई एयरपोर्ट के अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन के लिए निविदा जारी।
अनुमानित लागत :- 885 करोड़
कार्य अवधि :- अक्तूबर-2015
छठा चरण :- जनकपुर वेस्ट से पालम मेट्रो स्टेशन तक सुरंग व स्टेशनों के लिए निविदा आमंत्रित।
अनुमानित लागत :- 1031 करोड़
कार्य अवधि :- फरवरी-2016
सातवां चरण :- कालिंदी कुंज में मेट्रो डिपो के निर्माण के लिए निविदा आमंत्रित।
अनुमानित लागत :- 90 करोड़
कार्य अवधि :- अगस्त-2014

परियोजना एक नजर में:-
कॉरीडोर की कुल लंबाई 36.988 किलोमीटर
एलीवेटेड कॉरीडोर की लंबाई 19.7 किलोमीटर
अंडग्राउंड कॉरीडोर की लंबाई 17.28 किलोमीटर
नोएडा में कॉरीडोर की लंबाई 3.494 किलोमीटर
कॉरीडोर के एलीवेटेड स्टेशन 14 स्टेशन
कॉरीडोर के अंडरग्राउंड स्टेशन 12 स्टेशन
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