दहेज की मांग करने वाले परिवार का समाज से बहिष्कार कर दिया जाएगा। ये ऐतिहासिक फरमान उत्तरप्रदेश के गाजियाबाद जिले के बम्हैटा गांव की पंचायत ने सुनाया। साथ ही सभी ने शादियों में डीजे, डांस, आतिशबाजी और खान-पान पर फिजूलखर्ची न करने का संकल्प लिया। पंचायत में 200 के करीब किसान मौजूद थे।
दहेज प्रथा का विरोध और शादियों में फिजूलखर्ची रोकने के लिए बुलाई गई इस पंचायत में भीष्म सिंह ने कहा कि समाज के लिए दहेज प्रथा एक कलंक है। इससे लड़कियों की हत्या और आत्महत्याएं हो रही हैं।
समाज में एक व्यक्ति के अधिक दहेज देने से गरीबों पर भी दबाव पड़ता है कि वह अधिक से अधिक दहेज दे। महेंद्र सिंह ने कहा कि दहेज प्रथा की वजह से ही बेमेल विवाह हो रहे हैं और योग्य लड़के-लड़कियों को योग्य वर-वधू नहीं मिल पा रहे हैं। पंचायत में वीरपाल यादव, भीष्म सिंह यादव, चरण सिंह यादव, फूल कुंवर यादव, महेंद्र सिंह यादव, मान सिंह मौजूद रहे।