फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मोदी-केजरीवाल को चाहिए एक बंगला

Mon, 07 Apr 2014 12:55 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
विज्ञापन
विज्ञापन
काशी में एक अदद मकान चाहिए। देश की तकदीर लिखने में जुटे में उन दिग्गज नेताओं के लिए, जो वाराणसी सीट से अपनी चुनावी नैया पार करने के लिए हर जतन करने वाले हैं। खासतौर से भाजपा के पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल के लिए शहर में घर ढूंढे जा रहे हैं।
विज्ञापन


किराये का ही सही, लेकिन नामांकन दाखिला से पहले दोनों नेताओं का यहां अपना आवास होगा। मोदी और केजरीवाल को लेकर सुर्खियों में आई वाराणसी सीट पर नामांकन दाखिला 17 अप्रैल से होगा।

इससे पहले भाजपा और आप के कद्दावर नेताओं के लिए सुरक्षित घरों की तलाश तेज हो गई है।

केजरी के लिए आम आदमी के स्तर का मकान

आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल के लिए शहर में चार स्थानों पर घर देखे गए हैं। वरुणा पार टैगोर टाउन के अलावा सिगरा की चंद्रिका नगर कॉलोनी, गुरुधाम कॉलोनी और भदैनी में देखे गए भवनों में से एक में केजरीवाल रहेंगे।

12 अप्रैल को दिल्ली के पूर्व शिक्षामंत्री मनीष सिसौदिया के आने पर तय होगा कि केजरीवाल किस घर में रहेंगे। आप के पूर्वांचल प्रभारी संजीव सिंह ने बताया कि आम आदमी के स्तर का ही मकान ढूंढा जा रहा है। पांच हजार रुपये तक के किराये वाले मकान में ही वे रहेंगे।

14 अप्रैल को केजरीवाल के काशी पहुंचने से पहले ही उनके घर का बंदोबस्त हो जाएगा।

मोदी को चाहिए अतिसुरक्षित मकान

उधर, भाजपा के पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के लिए 11 जगहों पर मकान देखे गए हैं। पहड़िया में एक बंगला पसंद किया गया था लेकिन उनके लिए घर वहां ढूंढने की योजना है, जहां सुरक्षा की दृष्टि से कोई कमी न रह जाए।

ऐसे में सिगरा स्थित चार मंजिले कार्यालय की पहली मंजिल पर एक फ्लैट मोदी के रहने लिए तैयार किया जा सकता है। पार्टी नेताओं ने नाम न छापने के आग्रह पर बताया कि नामांकन से पहले मोदी कहां रहेंगे, इसे तय कर लिया जाएगा।
विज्ञापन

सिंधिया घाट पर सुरक्षा देने से इनकार

आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल के रहने के लिए सिंधिया घाट पर प्रबंध किए गए थे। पार्टी जनों ने गंगा तट पर ही उनके रहने की व्यवस्था इसलिए की थी, ताकि मोदी के गढ़ पक्के महाल में उनकी पैठ बढ़ाई जा सके, लेकिन सुरक्षा कारणों से प्रशासन ने वहां घर न लेने की सलाह दे दी।

प्रशासन का कहना है कि संकरी गलियों के चलते वहां पर्याप्त सुरक्षा नहीं दी जा सकती। ऐसे में वहां ठिकाना बनाने का इरादा छोड़ दिया गया। यह जानकारी रविवार को आप के पूर्वांचल संयोजक संजीव सिंह ने दी।

कैलाश ने मोतीझील में लिया घर
बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री पद से इस़्तीफा देकर चुनाव मैदान में उतरे समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी कैलाश चौरसिया ने मोतीझील में अपना घर ढूंढ लिया है। अब वे चुनाव तक मोती झील में ही रहेंगे। वहां उनके आवास का बोर्ड भी लगा दिया गया है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें