योगी सरकार पर नाम बदलने को लेकर सपा और बसपा हमलवार रही है। लेकिन बसपा और सपा के कार्यकाल में भी नाम बदलने की प्रथा का चलन रहा है। मायावती ने सत्ता में आने पर कासगंज का नाम कांशीराम नगर किया। अमेठी को छत्रपतिशाहूजी नगर नाम दिया। इसी तरह कानपुर देहात को रमाबाई नगर, अमरोहा को ज्योतिबा फुले नगर, हापुड़ को पंचशील नगर, शामली को प्रबुद्धनगर, हाथरस को महामाया नगर, संभल को भीमनगर, नोएडा को गौतमबुद्धनगर और फैजाबाद जिले के एक हिस्से को अंबेडकरनगर का नाम दिया।
वहीं, अखिलेश यादव ने कांशीराम नगर को कासगंज, रमाबाई नगर को कानपुर देहात, अमेठी को गौरीगंज, ज्योतिबा फूले नगर को अमरोहा, महामाया नगर को हाथरस, प्रबुद्ध नगर को शामली और भीमनगर को फिर से बहजोई कर दिया। अखिलेश के इस फैसले का मायावती ने जमकर विरोध किया था।