अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। तीन साल पहले जमीन के विवाद में शाहपुर में बड़े भाई तेजवीर सैनी की ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या के मामले में छोटे भाई सुखपाल सैनी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय/फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-3 के पीठासीन अधिकारी रवि कुमार दिवाकर ने फैसला सुनाया। अभियुक्त पर एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
फैसले में अदालत ने लिखा कि भगवान श्रीराम के भाई लक्ष्मण व भरत ने भाई होने का वास्तविक कर्तव्य निभाया और लोगों के सामने एक आदर्श उदाहरण पेश किया, जो महान त्याग एवं समर्पण का भी प्रतीक है। भरत ने राज-पाठ को लेने से मना कर दिया, क्योंकि उस अयोध्या राज्य पर तो भगवान श्रीराम को राजपाठ करने का अधिकार प्राप्त था।
वारदात 22 अप्रैल 2023 को सुबह साढे़ नौ बजे हुई थी। प्राथमिकी दर्ज कराते हुए वादी सोनू सैनी ने पुलिस को बताया था कि सुखपाल पक्ष के लोग उनके खेत से जबरदस्ती ट्रैक्टर निकाल रहे थे। पिता ने विरोध किया तो उनके ऊपर ट्रैक्टर चढ़ा दिया गया। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल लेकर गए, जहां से हायर सेंटर ले जाते हुए खतौली के पास मौत हो गई थी।
पुलिस ने 12 आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी लेकिन जांच के बाद सुखपाल के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाह अदालत में पेश किए गए। अदालत ने 12 अगस्त को सुखपाल पर दोष सिद्ध किया था।
मंगलवार को दोषी को कठोर आजीवन कारावास और एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। वादी के अलावा उसकी मां शिमला की गवाही अहम साबित हुई।
सुखपाल को सुरक्षा के बीच ले जाते पुलिसकर्मी : स्रोत वीडियोग्रेब