दो जिला पंचायत सदस्यों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। बृहस्पतिवार को रालोद, बीजेपी, कांग्रेस के जनप्रतिनिधियों ने एक्सईएन विद्युत ग्रामीण के ऑफिस के बाहर धरना दिया। वक्ताओं ने दर्ज मुकदमे तत्काल वापस लेने और एक्सईएन का जनपद से बाहर तबादला करने की मांग की। चेतावनी दी कि यदि मुकदमा वापस नहीं हुआ तो नौ जनवरी को कलक्ट्रेट को घेरा जाएगा।
पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक ने कहा कि अफसरों को जनप्रतिनिधियों के प्रोटोकॉल का ध्यान रखना चाहिए। जनता के लोग जनप्रतिनिधि के पास आते हैं, उनका काम अफसरों को समस्या बताना है। पूर्व विधायक राजपाल बालियान ने कहा कि जनप्रतिनिधियों का अपमान किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिला प्रशासन संजय राठी और हरेंद्र शर्मा पर दर्ज मुकदमे को हल्के में न ले।
जिला पंचायत अध्यक्ष आंचल तोमर, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष तरसपाल मलिक ने कहा कि इस मामले में जिला पंचायत पूरी तरह अपने सदस्यों के साथ है। जिले में अफसरशाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रधान संगठन के मंडल अध्यक्ष सत्येंद्र प्रधान और जिलाध्यक्ष सत्येंद्र बालियान ने लड़ाई में साथ देने की घोषणा की। रालोद जिलाध्यक्ष अजीत राठी ने कहा कि जिला प्रशासन मामले को गंभीरता से नहीं ले रहा है, इसका नुकसान प्रशासन को ही होगा।
संजय राठी ने कहा कि जिस दिन की घटना दिखाई गई उस दिन वह दिल्ली में था। भाजपा नेता विवेक बालियान, जिला पंचायत सदस्य संदीप मलिक, हरेंद्र शर्मा, अवनीश चौधरी, धीरज लाटियान, अमित राठी, युवा रालोद जिलाध्यक्ष हर्ष राठी, अभिषेक चौधरी, गौरव मलिक, आशीष बालियान, गजेंद्र बालियान ने विचार रखे। डीएम के नाम सिटी मजिस्ट्रेट नईम अहमद को ज्ञापन दिया।
पुलिस पहरे में विभागीय अधिकारी
मुजफ्फरनगर। जिले के जनप्रतिनिधियों के धरने के चलते विद्युत विभाग के एक्सईएन का कार्यालय पुलिस के पहरे में रहा। किसी तरह की कोई अनहोनी न हो इसे लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सक्रिय रहा।