घर जाने के लिए श्रमिकों ने किया हंगामा
रतनपुरी (मुजफ्फरनगर)। बिहार और पूर्वांचल के मजदूरों ने घर भेजने की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया। वे पैदल ही घर जाने लगे तो बसों की व्यवस्था कर उन्हें गंतव्य के लिए रवाना किया।
सोमवार सुबह नौ बजे पांच स्कूल बसों से 191 श्रमिकों को निजानंद आश्रम लाया गया। मजदूरों ने उनके घर भेजने की मांग करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। वे बसों से उतरकर खतौली की ओर पैदल चल दिए। बहराइच निवासी बाबू, हरीश, देव नारायण, जतिनलाल, नंदू, शावली प्रसाद, सुभाषचंद्र आदि ने बताया कि वे पंजाब के लुधियाना में फैक्टरियों में काम करते थे। साइकिलों से अपने घर जा रहे थे। 13 मई को सहारनपुर पहुंचे तो प्रशासन ने नांगल स्थित राधा स्वामी सत्संग भवन में ठहरा दिया। शनिवार रात उन्हें घर भेजने का आश्वासन देकर स्कूली बसों से कुछ को रतनपुरी तो कुछ को दूसरी जगहों पर भेज दिया। आजमगढ़ निवासी महेश, हैप्पी, मनसुख, राकेश, गुलाब सिंह, आदि ने रोते हुए बताया कि उन्हें घर भेजने के नाम पर गुमराह किया जा रहा है। एसडीएम खतौली इंद्राकांत द्विवेदी ने भोजन के बाद घर भेजने को कहा तो मजदूर भड़क गए। कहा कि वे भोजन के बिना रह सकते हैं, लेकिन अपने परिवार के बिना नहीं। श्रमिकों ने सड़क पर ही जान दे देने की चेतावनी दी। श्रमिकों ने बसों की व्यवस्था को दो घंटे का समय दिया। सीओ बुढ़ाना गिरजाशंकर त्रिपाठी भी मौके पर पहुंच गए। झारखंड, बिहार के अलावा पूर्वांचल के मजदूरों की सूची तैयार कर तीन बसों से रवाना किया गया।
तीन बसों में भेजे 191 श्रमिक
रतनपुरी। रोडवेज बस के चालकों ने एक बस में 30 से ज्यादा सवारी ले जाने से इंकार कर दिया। काफी देर तक मजदूर तेज गर्मी में बसों में ही तपते रहे। बाद में एसडीएम खतौली ने एआरएम मुजफ्फरनगर से बात कर सभी 191 श्रमिकों को तीन बसों से अलग-अलग रूट पर भिजवाया।