देवबंद (सहारनपुर)। नलकूप की लाइन के लिए विद्युत पोल लगा रहे मजदूर की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर मौत हो गई। जबकि दो मजदूर घायल हो गए। मजदूर की मौत को लेकर ग्रामीणों ने निगम अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा किया। जिन्हें बाद में पुलिस अधिकारियों ने समझाकर शांत किया।
बड़गांव थानाक्षेत्र के नूना बड़ी गांव निवासी तालिब पुत्र अफजाल समेत पांच मजदूर रविवार को झबीरन गांव निवासी नरेश के खेत पर नलकूप की लाइन बनाने के लिए गए। दोपहर के समय वह खेत से होकर गुजर रहे 11केवी लाइन के समीप विद्युत पोल का जोड़ा खड़ा कर रहे थे। इसी दौरान एक पोल तिरछा होकर लाइन से टकरा गया। करंट उतरने के चलते तालिब समेत तीन लोग उसकी चपेट में आकर झुलस गए। जिन्हें तुरंत ही ग्रामीणों की मद्द से अस्पताल में भर्ती कराया। जहां चिकित्सकों ने जांच उपरांत तालिब को मृत घोषित किया। जबकि नाजुक हालत के चलते दो मजदूरों को जिला अस्पताल रेफर किया। हादसे की जानकारी मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और निगम के अधिकारियों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाकर हंगामा करना शुरू कर दिया। जानकारी मिलने पर पूर्व विधायक शशिबाला पुंडीर, सिकंदर अली, प्रधान आरिफ त्यागी आदि नेता वहां पहुंचे और एसडीएम राकेश कुमार व इंस्पेक्टर आनंद देव मिश्र को मौके पर बुलाकर निगम अधिकारियों पर लापरवाही बरतने के आरोप में कार्रवाई की मांग की। इंस्पेक्टर आनंद देव मिश्र ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक के चाचा ने तहरीर दी। इसमें एसडीओ, जेई, एसएसओ और ठेकेदार को आरोपी बनाया। मामले की जांच उपरांत रिपोर्ट दर्ज होगी। मृतक तालिब समेत पांचों मजदूरों को ठेकेदार मजदूरी कराने के लिए लेकर आया।
विद्युत सुरक्षा नियमों की अनदेखी हुई, निगम जिम्मेदार नहीं: जेई
देवबंद। विद्युत निगम के अवर अभियंता राहुल बंसल ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि झबीरन गांव निवासी नरेश पुत्र बेगराज द्वारा अपने खेत में जा रही 11केवी लाइन के पास डबल पोल (जोड़ा) का निर्माण विभाग को बिना सूचना दिए व शट डाउन लिए बिना नूना बड़ी गांव के पांच मजदूरों द्वारा कराया जा रहा था। जोड़े का एक पोल तिरछा होकर लाइन से टकरा गया। इससे तालिब की मृत्यु हो गई। जबकि दो लोग घायल हो गए। राहुल बंसल ने तहरीर में कहा कि नरेश द्वारा डबल पोल निर्माण में विद्युत सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया। इसमें विभाग की कोई जिम्मेदारी नहीं है।
अधिकारी रविवार का वेतन लेते हैं पर फोन नहीं उठाते : पुंडीर
देवबंद। पूर्व विधायक व सपा की वरिष्ठ नेता शशिबाला पुंडीर ने झबीरन गांव में हुए हादसे के बाद कहा कि अधिकारियों में संवेदना नाम की कोई चीज नहीं है। हादसा होने के चार घंटे बाद एसडीएम घटनास्थल पर पहुंचे। इतना ही नहीं पुंडीर ने यह भी कहा कि अधिकारी रविवार का वेतन लेते हैं, लेकिन फोन नहीं उठाते। उन्होंने कहा कि निगम नलकूप के कनेक्शन तो मंजूर कर देता हैं, लेकिन विद्युत कर्मियों से कार्य नहीं कराते। ठेकेदार प्राइवेट लोगों को लगाकर लाइन का कार्य कराते हैं। जब कोई हादसा होता तो वह उन्हें अपना मानने से इंकार कर देते हैं। पुंडीर ने मामले की जांच कर निगम अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की मांग की।
झबीरन गांव में मजदूर की मौत पर गमगीन परिजन व ग्रामीण- फोटो : DEVBAND
झबीरन गांव में बिजली करंट से मजदूर की मौत पर गुस्साएं लोगों को समझाती पुलिस- फोटो : DEVBAND