खोखे से आग लगने की सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड पहुंची। अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों ने काफी मशक्कत के बाद आग बुझाने के बाद खोखे से सामान हटाने लगे, तो अंदर जला हुआ शव मिला। घटना की सूचना मिलने पर प्रवीण प्रजापति मौके पर पहुंचा और शव की पहचान बिजेंद्र के रूप में की।
बिजेंद्र की मौत की सूचना पर पहुंचीं उसकी बहनों राजकुमारी व जमना देवी ने खोखे में जानबूझकर आग लगाने का आरोप लगाते हुए बिजेंद्र की हत्या की आशंका जताई। इंस्पेक्टर केपी सिंह ने शव को मोर्चरी भेज दिया। प्रवीण प्रजापति ने घटना की तहरीर दी है।
खोखे के बाहर मिली जली चारपाई-बिस्तर
बेगराजपुर में खोखे के अंदर मिली लाश का मामला हत्या व हादसे में उलझ गया है। बिजेंद्र का शव जले हुए खोखे के अंदर से मिला है, लेकिन उसकी चारपाई व बिस्तर खोखे के बाहर जला हुआ मिला।
परिजनों का कहना है कि यदि बिजेंद्र खोखे में सोता, तो चारपाई या बिस्तर अंदर होना चाहिए था। वहीं, आग खोखे में लगी, लेकिन बाहर रखी चारपाई व बिस्तर कैसे जल गया ?
परिजनों ने आशंका जताई कि बिजेंद्र को नशा देकर बेहोश करने के बाद उसके शव को जलाने के लिए खोखे में आग लगाई गई है। वहीं, इंस्पेक्टर केपी सिंह का कहना है कि मामले की कई बिंदुओं पर जांच की जा रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।